सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में चलाये जा रहे सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत मण्डलायुक्त डॉ. लोकेश एम. द्वारा सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राधेश्याम के साथ सहारनपुर से बेहट तक का निरीक्षण किया गया। रास्ते में काफी संख्या में ओवरलोड ट्रक एवं डम्पर पाये गये। अधिकतर बिना नम्बर की गाड़ियां थी तथा कई गाडियों की नम्बर प्लेट ग्रीस से पोती गयी थी जिससे नम्बर का पता न लग सके। किसी भी वाहन चालक के पास ड्राईविंग लाईसेंस नहीं मिला। यह स्थिति देख मण्डलायुक्त भड़क गये। ट्रक ड्राईवरों से पूछा गया कि वे अपनी गाडी कहां से लोड करके आये है ? उनके द्वारा बताया गया कि सामग्री तहसील बेहट अन्तर्गत बरथा कोरसी में चल रहे खनन पट्टे मैसर्स स्टार माईन्स से भरकर ला रहे है। इसके पश्चात डॉ. लोकेश एम0 बिना किसी को सूचना दिये ही बरथा कोरसी में खनन पट्टा मैसर्स स्टार माईन्स पर पहंुच गये। मण्डलायुक्त को देखते ही यहां खडे़ ट्रक एवं डम्पर चालक अपने-अपने वाहनों को लेकर भागने लगे। स्पॉट पर पूरे क्षेत्र में 300-400 लोगों का जमावड़ा मिला। जिनके असामाजिक तत्व होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। यह स्थिति देख मण्डलायुक्त दंग रह गये। मौके पर ही उप जिलाधिकारी बेहट, क्षेत्राधिकारी बेहट एवं खनन अधिकारी को बुलाया गया। मण्डलायुक्त के बुलाने पर उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व नायब तहसीलदार पहुंच गये किन्तु मण्डलायुक्त के रहने तक खनन अधिकारी नहीं आये। उपजिलाधिकारी द्वारा खनन निरीक्षक को बुलाया गया। खनन निरीक्षक से पट्टे के बारे में जानकारी की गयी किन्तु उनके द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया और बगले झांकते नजर आए। मण्डलायुक्त द्वारा हैरानी व्यक्त की गयी कि खनन अधिकारी एवं खनन निरीक्षक द्वारा स्पॉट पर पहंुचकर जांच नहीं की जा रही है और न ही यह देखा जा रहा है कि खनन निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है अथवा पट्टा धारक द्वारा कोई अनियमितता तो नहीं की जा रही है। पट्टे के चारों तरफ यमुना नदी में छः-सात पॉकलेन मशीनों एवं जेसीबी के द्वारा नदी में बीस-पच्चीस फीट तक खुदाई होती पायी गयी। पट्टे धारक के लोगों द्वारा बेखौफ होकर अधिकारियों के सामने ही पॉकलेन चलायी जाती रही। यमुना नदी के बहाव को रोककर अवैध रूप से काफी गहरा खनन पट्टे धारक द्वारा किया जा रहा है। मण्डलायुक्त द्वारा मौके पर ही आरटीओ (प्रवर्तन) तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी बेहट की टीम गठित कर वाहनों को अपनी सपुर्दगी में लेकर इनकी जांच करने, उपजिलाधिकारी बेहट तथा नायब तहसीलदार बेहट की टीम गठित कर पट्टे की पूरी नापतौल करने व अवैध खनन की मात्रा आंकलित कर उसकी रिपोर्ट आज सायं तक देने हेतु निर्देशित किया गया। खनन अधिकारी से दूरभाष पर पूछने पर उनके द्वारा अवगत कराया गया कि यह पट्टा दीपक चौधरी स्टार माईन्स के नाम से पांच वर्ष के लिए आवंटित है,जिसका कुल क्षेत्रफल 36 हैक्टेयर है। इस पट्टे से प्रतिवर्ष सात लाख 56 हजार घन मीटर खनन सामग्री का उठान किये जाने की अनुज्ञा पट्टा धारक को प्रदान की गयी है। जबकि मौके पर स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। मण्डलायुक्त की इस कार्यवाही से हड़कम्प का माहौल है तथा कई अधिकारियों में बैचेनी की हालत है। मण्डलायुक्त की इस कार्यवाही से अवैध खनन में लिप्त अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।


