मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही बारिश ने कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खतौली क्षेत्र में रविवार सुबह बारिश के बीच एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय कमरे में सो रहे कई मासूम बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। छत गिरने की तेज आवाज और बच्चों की चीख पुकार सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार, कामिल अपनी पत्नी अमरीन और तीन नाबालिग बेटियों के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। घटना के समय कामिल के भाई वसीम भी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ उनके घर आए हुए थे। बताया गया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे परिवार के सदस्य कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण मकान की कच्ची छत कमजोर होकर अचानक नीचे आ गिरी।

छत गिरने के कारण कमरे में सो रहे बच्चे मलबे के नीचे दब गए। अचानक हुए हादसे से परिवार में चीख पुकार मच गई। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण भी मौके की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करते हुए मलबे को हटाया और उसके नीचे फंसे बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। राहत और बचाव कार्य के दौरान परिजनों में भी अफरा तफरी का माहौल रहा। ग्रामीणों की तत्परता और समय रहते किए गए प्रयासों के चलते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चों के सुरक्षित निकलने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।
घरेलू सामान मलबे में दबा
छत गिरने से मकान के अंदर रखा घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दब गया। अचानक मकान का हिस्सा गिरने से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है। परिवार के सामने अब सबसे बड़ी समस्या सुरक्षित रहने की है। लगातार बारिश के बीच मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण परिवार के लिए परेशानी और बढ़ गई है।
परिजनों का कहना है कि बारिश के कारण कच्चे मकान की छत कमजोर हो गई थी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि अचानक छत गिर जाएगी। हादसे के बाद परिवार को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
प्रशासन से मदद की मांग
मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मकान की स्थिति का निरीक्षण करे और परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आवश्यक राहत सामग्री और बारिश के दौरान सुरक्षित रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते ऐसे मकानों को चिन्हित कर वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में कच्चे मकानों के गिरने जैसी घटनाओं में किसी तरह की जनहानि न हो।

