मेरठ। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) पंखुरी जैन ने बताया कि उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 द्वारा संचालित समस्त योजनाओं को प्रधानमन्त्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) में विलय कर दिया गया है। योजनान्तर्गत प्रत्येक विकासखण्ड में न्यूनतम 10 व्यक्तियों का समूह गठन कर प्रोडक्ट एंड मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित की जायेगी। वित्तीय सहायता के रूप में अनुदान राशि रू0 10000/- से बढाकर प्रति लाभार्थी (परिवार) रू0 50,000/- अथवा सम्पत्ति लागत का 50 प्रतिशत जो भी कम हो, प्रदान किया जायेगा तथा शेष धनराशि बैंक ऋण के रूप में होगी। एक समूह में न्यूनतम 10 सदस्य होंगे। योजनान्तर्गत आय की सीमा निर्धारित नहीं है। किन्तु रू0 2,50,000/- वार्षिक आय वाले व्यक्ति को वरीयता दी जायेगी। गठित समूह की योजना को सुचारू ढंग से चलाने हेतु ग्रान्ट इन एड (ऋण के रूप में उपलब्ध धनराशि) के अतिरिक्त कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण तथा इन्फ्रास्ट्रकचर (मशीन/कार्य करने हेतु स्थान) उपलब्ध कराये जाने की भी व्यवस्था की गयी है। इस योजना में अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव, प्रधानमन्त्री आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत चिन्हित गांव में विकास कार्य कराये जायेंगे।

उपरोक्त के अतिरिक्त नये छात्रावास भवनों के निर्माण किये जाने का भी प्राविधान किया गया है। विकास खण्ड स्तर पर यह कार्य खण्ड विकास अधिकारी के निर्देशन में होगा तथा सहायक विकास अधिकारी (स०क0) योजना के नोडल अधिकारी होंगे। इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति जो प्रधानमन्त्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पी०एम०-अजय) का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं. अपने विकास खण्ड में खण्ड विकास अधिकारी/सहायक विकास अधिकारी (स०क०) अथवा जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) कार्यालय, विकास

