न्यायालय के फैसले पर आदित्य ठाकरे ने कहा, सच्चाई के लिए लड़ते रहेंगे

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा चुनाव आयोग को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े की याचिका पर सुनवाई करने की अनुमति देने को किसी भी खेमे की जीत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) में सच्चाई के लिए लड़ाई जारी रहेगी।

शिवसेना प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘‘असली शिवसेना’’ के रूप में मान्यता देने और पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ आवंटित करने संबंधी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की याचिका की सुनवाई पर आगे बढ़ने के लिए निर्वाचन आयोग को अनुमति देने के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला न ही किसी की जीत है और न ही किसी की हार है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मामले में दी गई दलीलों का देश में लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। हम सच के लिए खड़े हैं और सच्चाई की जीत होगी। दलीलों का मंच अदालत से निर्वाचन आयोग में स्थानांतरित हो गया है। हम सुनवाई के लिए तैयार हैं। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हम संविधान में विश्वास करते हैं और पूरी ताकत से सच्चाई के लिए लड़ते रहेंगे।’’ इससे पहले न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने उद्धव ठाकरे नीत खेमे की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने ‘मूल’ शिवसेना होने के शिंदे खेमे के दावे पर फैसला करने से निर्वाचन आयोग को रोकने का अनुरोध किया था।

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