नेपाल की बारिश से कुशीनगर में बाढ़ का खतरा! नारायणी नदी उफान पर, 4.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गांवों में दहशत
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नेपाल की बारिश से कुशीनगर में बाढ़ का खतरा! नारायणी नदी उफान पर, 4.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गांवों में दहशत

कुशीनगर। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बीच बड़ी गंडक नदी (नारायणी) का जलस्तर बढ़ने से कुशीनगर जिले के खड्डा और पनियहवा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर से दियारा क्षेत्र के कई गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मदनपुर सुकरौली, भैंसहा, लक्ष्मीपुर, पड़रहवा और भगवानपुर समेत कई गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। वहीं, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, मरिचहवा और बसंतपुर की ओर भी नदी के पानी का असर दिखाई देने लगा है। निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

4.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

नारायणी नदी में लगातार बढ़ते जलप्रवाह के बीच रविवार सुबह आठ बजे तक 4 लाख 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, नदी की सहायक नदी देवघाट से 5 लाख 92 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की सूचना है। पानी के इस बड़े प्रवाह से नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल में हो रही बारिश का असर नदी के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। इससे खड्डा और पनियहवा क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे ग्रामीण

नदी का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीण सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर रुख करने लगे हैं। दियारा क्षेत्र के गांवों में लोग अपने परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की तैयारी में जुटे हैं। मदनपुर सुकरौली, भैंसहा, लक्ष्मीपुर, पड़रहवा और भगवानपुर समेत कई गांवों में बाढ़ की आशंका के चलते सतर्कता बढ़ गई है। नदी के पानी का असर शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, मरिचहवा और बसंतपुर की ओर भी दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

प्रशासन ने शुरू कराई तंबू और भोजन की व्यवस्था

संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित हो सकने वाले इलाकों में राहत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सड़कों के किनारे तंबू लगवाने और भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा सके। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।

बांधों और जलस्तर पर रखी जा रही नजर

नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नदी के जलप्रवाह के साथ ही बांधों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। खड्डा और पनियहवा क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल में बारिश जारी रहने के कारण नदी के जलस्तर में आगे भी बदलाव की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव से जुड़े इंतजामों पर नजर बनाए हुए है।

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