मुजफ्फरनगर। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति और कथित लापरवाही को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। संगठन के पदाधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया गया और कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी, तो सीएचसी परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विवेक भाटी ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इलाके में मेडिकल स्टोरों की आड़ में नशे के इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस गतिविधि से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है और प्रशासन की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ज्ञापन में सीएचसी के भीतर कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। संगठन का कहना है कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और उनके परिजनों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बजाय सीधे उच्च केंद्रों पर रेफर किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
भाकियू नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिना पंजीकरण के जच्चा-बच्चा केंद्र, अवैध पैथोलॉजी लैब और झोलाछाप चिकित्सक खुलेआम काम कर रहे हैं, जिससे आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। संगठन ने इन सभी पर तत्काल कार्रवाई और तालाबंदी की मांग की है।
संगठन ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा में हालात नहीं सुधरे, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा सीएचसी परिसर में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे और व्यवस्था सुधारने की मांग दोहराई गई।

