खतौली (मुजफ्फरनगर)। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने खतौली तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपा तथा प्रस्तावित समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष नकुल अहलावत के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि यदि यह समझौता लागू हुआ तो भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संगठन का कहना है कि विदेशी, विशेषकर अमेरिकी कृषि उत्पादों की भारतीय बाजार में आसान पहुंच से स्थानीय किसानों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी आय पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

किसान नेताओं ने आशंका जताई कि प्रस्तावित समझौते का प्रभाव केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पशुपालन, डेयरी उद्योग, कुटीर एवं लघु उद्योग तथा छोटे व्यापारियों पर भी पड़ेगा। उनका कहना है कि खाद्य सुरक्षा और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते पर बेहद सावधानी से निर्णय लिया जाना चाहिए।
संगठन ने मांग की कि कृषि क्षेत्र से जुड़े किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाए। बिना किसानों को विश्वास में लिए उनके भविष्य से जुड़े निर्णय नहीं लिए जाने चाहिए।
भाकियू (चढ़ूनी) ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए इस प्रकार का समझौता लागू किया गया तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। किसान नेताओं का कहना है कि पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कोई भी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।

