अयोध्या में दिव्य दीपोत्सव की भव्य तैयारी, सीएम योगी बोले- दीप जलाकर मनाएं सनातन चेतना के पुनर्जागरण का पर्व

अयोध्या में दिव्य दीपोत्सव की भव्य तैयारी, सीएम योगी बोले- दीप जलाकर मनाएं सनातन चेतना के पुनर्जागरण का पर्व

लखनऊ। धर्म नगरी और सप्तपुरियों में से एक अयोध्या में शनिवार को ‘दिव्य दीपोत्सव’ का आयोजन है। राम नगरी दुल्हन सी सज गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने। उन्होंने आगे लिखा, “आज पावन, पुण्यसलिला मां सरयू की गोद में बसी धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के महाकुंभ ‘दिव्य दीपोत्सव’ हेतु पूर्ण रूप से सज्जित है।

वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनी आस्थाओं का यह पावन प्रतिफल आज पुनः लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा बनकर अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करने जा रहा है। अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित है, स्पंदित है।” सीएम योगी ने आगे लिखा, “इस दिव्य-भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने पधार रहे माननीय उपराष्ट्रपति जी, विभिन्न मित्र देशों के सम्मानित राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक एवं देश-विदेश से पधारे समस्त विशिष्ट अतिथियों, पूज्य साधु-संतों व रामभक्तों का प्रभु श्री राम की पावन जन्मभूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।

समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के इस पावन पर्व में आप सभी का सान्निध्य इस दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगा। आइए, धर्म, मर्यादा और आलोक के इस महापर्व के साक्षी बनें।” मुख्यमंत्री ने एक और पोस्ट में लिखा, “दीपक केवल मिट्टी का एक पात्र नहीं, चेतना का जागरण है। वह युगों से हमें सीख दे रहा है कि अंधकार से लड़ना नहीं होता, केवल एक ज्योति जलानी होती है और अंधकार विदा हो जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के आगमन के हर्षोल्लास में सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम में आयोजित होने वाला पावन ​दीपोत्सव इसका साक्षात दर्शन कराता है।”

सीएम ने आगे लिखा, “आज हम सभी मां सरयू को साक्षी मानकर प्रभु श्री राम की प्राणों से प्रिय नगरी में 10वां दीपोत्सव मनाने जा रहे हैं। अयोध्या का दीपोत्सव हमारी आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है। जब श्री राम जन्मभूमि पर दीप जलें, तब आप अपने-अपने घर-आंगन में भी दीप जलाएं। आइए, सनातन सत्य के उद्घोष का उत्सव मनाएं।”

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