सरकार और प्रशासन भले लोगों से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाये रखने की अपील कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग नफरत के बीज बोये जा रहे हैं। उदयपुर और अमरावती में जो कुछ हुआ वह पूरे देश ने देखा, उसकी निंदा की गयी और लोगों से अपील की गयी कि आपसी सौहार्द बनाये रखें। खासतौर पर धार्मिक सौहार्द बनाये रखने की सीख जिन धर्मगुरुओं को देनी है अब वही नफरती बयान देने पर तुल आये हैं। हम आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर अजमेर के हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के एक खादिम सलमान चिश्ती का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी दे रहा है। उसने नूपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले को अपना मकान और संपत्ति देने का भी ऐलान किया है।

जहां तक सलमान चिश्ती की बात है तो आपको बता दें कि वह हिस्ट्रीशीटर भी है। उसके खिलाफ स्थानीय थाने में 13 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप भी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सलमान चिश्ती कह रहा है कि वक्त पहले जैसा नहीं रहा, वरना वह बोलता नहीं। यह वीडियो तीन-चार दिन पुराना बताया जा रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में यह शख्स रोते हुए अपने बुजुर्गों की कसम खाते हुए कह रहा है कि मुझे कसम है मेरी मां की मैं उसे सरेआम गोली मार देता। वह कह रहा है कि मेरे बच्चों की कसम मैं उसे गोली मार देता, और आज भी सीना ठोक कर कहता हूं जो भी नुपुर शर्मा की गर्दन लाएगा मैं उसे यह अपना घर दे दूंगा और रास्ते पर निकल जाऊंगा। वायरल हो रहे वीडियो में वह अपने आपको ख़्वाजा का सच्चा सिपाही बताते हुए कह रहा है कि मैं आज भी चीरने का दम रखता हूं। वायरल वीडियो में सलमान मुसलमानों को भड़काने वाली बातें भी कह रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक इस वीडियो के वायरल होने के बाद सलमान चिश्ती के खिलाफ अजमेर शहर के अलवर गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिले के एएसपी विकास सांगवान ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि उसकी तलाश की जा रही है। इस तरह की भी रिपोर्टें हैं कि सलमान चिश्ती का लोकेशन कश्मीर की मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि पुलिस ने दरगाह और अंजुमन के अधिकारियों से भी बात की है। उन्होंने बताया कि सलमान चिश्ती दरगाह थाना क्षेत्र का रहने वाला है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
यह वीडियो ऐसे समय वायरल हो रहा है जब नुपूर शर्मा के समर्थन में वीडियो पोस्ट करने वाले कन्हैया लाल की हत्या के बाद अजमेर दरगाह दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा था कि भारत के मुस्लिम देश में कभी भी तालिबानी मानसिकता को कबूल नहीं करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा था कि कोई भी धर्म मानवता के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा नहीं देता है। उन्होंने कहा था कि विशेष रूप से इस्लाम में सभी शिक्षाएँ शांति के स्त्रोत के रूप में कार्य करती हैं। अजमेर दरगाह दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने कन्हैया लाल के हत्यारों के बारे में कहा था कि आरोपित कुछ कट्टरपंथी समूहों का हिस्सा थे जो हिंसा के रास्ते से ही समाधन ढूँढ़ते हैं। तो इस तरह एक तरफ जहाँ दरगाह के प्रमुख अमन की बातें करते हैं, वहीं दूसरी तरफ दरगाह का खादिम नुपुर शर्मा को मारने के लिए उकसाता है।
