नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने रविवार को कहा कि यह सोचना कि पाकिस्तान किसी आतंकवादी को मुकदमे के लिए भारत भेजेगा, एक ‘काल्पनिक बात’ है। उन्होंने कहा कि 26/11 हमले के बाद, जब पाकिस्तान ने खुद माना था कि उसके लोग इस आतंकी हमले में शामिल थे, तब भी उसने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। दरअसल, भारत राजनयिक चैनलों के जरिए पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी हाफिज सईद को समन भेजने की तैयारी कर रहा है।

इस पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने रविवार को कहा, “असल बात यह है कि पहलगाम आतंकी हमला हुआ था, जिसमें लोगों की पहचान धर्म के आधार पर की गई और उनके परिवारों के सामने उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद 7 से 10 मई तक भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इसका मुख्य मकसद वहां मौजूद आतंकवाद के नेटवर्क और आतंकी संगठनों को खत्म करना था।” उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों का जवाब यही है कि ‘ईंट का जवाब पत्थरों से दिया जाए।’

बाकी कानूनी प्रक्रिया चलती रहेगी। मनीष तिवारी ने आगे कहा, ” पाकिस्तान के यह मानने के बाद कि 26/11 के आतंकी हमले में उसके लोग शामिल थे, पाकिस्तान में जो कार्रवाई शुरू हुई थी, वह किसी नतीजे तक नहीं पहुंची। इसलिए, यह उम्मीद करना कि पाकिस्तान किसी आतंकवादी को भारत भेजेगा, या उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा, महज एक काल्पनिक बात है। बुनियादी बात है कि आतंकवाद से निपटने का एक ही तरीका है। जितने भी शक्तिशाली मुल्क हैं, वही रास्ता अख्तियार करते हैं।” बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों को गोलियां मारी गई थीं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिसंबर 2025 में पहली चार्जशीट दायर की थी।

