मोरना मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम किशनपुर में जहरीले सांप के डसने से एक गरीब मजदूर की दुधारू भैंस की मौत हो गई। भैंस की मौत से मजदूर के परिवार पर अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक मृत भैंस की कीमत एक लाख रुपये से अधिक थी। भैंस दूध देने के साथ ही पांच माह की ग्याभिन भी थी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से पीड़ित मजदूर को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।

बहन की नजर पड़ी तो मचा हड़कंप
ग्राम किशनपुर निवासी मयराज पुत्र मुस्तफा शनिवार दोपहर अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनकी बहन शहनाज की नजर भैंस के पास मौजूद एक जहरीले सांप पर पड़ी। सांप को देखते ही शहनाज घबरा गईं और उन्होंने शोर मचा दिया। बहन की आवाज सुनकर मयराज तुरंत भैंस की ओर दौड़े, लेकिन तब तक सांप भैंस को डस चुका था।

सांप के डसने के कुछ ही देर बाद भैंस पर जहर का असर दिखाई देने लगा। उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते भैंस तड़पने लगी और कुछ ही समय बाद उसने दम तोड़ दिया। परिवार के सामने ही उनकी दुधारू भैंस की मौत हो जाने से सभी लोग सदमे में आ गए।
मजदूरी कर परिवार पालता है मयराज
पीड़ित मयराज ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से हैं और भैंसा बोगी से भाड़ा ढोने के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मृत भैंस का भी अहम योगदान था। भैंस दूध देती थी, जिससे परिवार को आर्थिक मदद मिलती थी। इसके अलावा वह पांच माह की ग्याभिन थी, जिसके चलते परिवार को उससे भविष्य में भी आर्थिक सहारे की उम्मीद थी।
अचानक हुई भैंस की मौत ने मयराज की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ परिवार ने अपना पशुधन खो दिया, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी आर्थिक क्षति से घर का बजट भी बिगड़ गया है। पीड़ित का कहना है कि वह मजदूरी करके किसी तरह परिवार का खर्च चलाते हैं। ऐसे में एक लाख रुपये से अधिक कीमत की भैंस का चले जाना उनके लिए बेहद बड़ा नुकसान है।
पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल
भैंस की मौत के बाद मयराज की पत्नी परवीना का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के बच्चों शाद, आएद और बेटी सदिया भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। परिवार के लिए भैंस महज एक पशु नहीं बल्कि उनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण सहारा थी।
गरीब परिवार के सामने अब नई भैंस खरीदने का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मयराज जैसे मजदूर के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है। ऐसे में प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता मिलने पर परिवार को कुछ राहत मिल सकती है।
पशु चिकित्सक ने किया पोस्टमार्टम
घटना की जानकारी मिलने के बाद भोपा सरकारी पशु अस्पताल में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. कमल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। चिकित्सक ने मृत भैंस का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद भैंस की मौत के मामले में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
पीड़ित मयराज ने घटना की लिखित सूचना भोपा थाना पुलिस को भी दी है। घटना के बाद ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और परिवार को ढांढस बंधाया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार
घटना से दुखी ग्रामीणों ने प्रशासन से गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। गांव के फखरुद्दीन, वासीद, फिरोज, सलमान, जाबिद, राशिद, साकिब, आदिल सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से मांग की कि मयराज को आपदा राहत कोष से उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि मयराज मजदूरी और भैंसा बोगी से भाड़ा ढोकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। ऐसे परिवार के लिए दुधारू और ग्याभिन भैंस की मौत किसी बड़े झटके से कम नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

