मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र में लालूखेड़ी फ्लाईओवर पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रिश्तेदार के घर आयोजित जन्मदिन समारोह में शामिल होने जा रहे कृषि विभाग के कर्मचारी प्रशांत मलिक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बताया गया है कि तेज रफ्तार काले रंग की क्रेटा कार ने उनकी अपाचे मोटरसाइकिल में पीछे से साइड मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और प्रशांत सड़क पर जा गिरे। गंभीर रूप से घायल प्रशांत को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बघरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसा तीन सितंबर की रात करीब नौ बजकर बीस मिनट पर हुआ। प्रशांत मलिक अपनी अपाचे 160 मोटरसाइकिल से तितावी की ओर जा रहे थे। तहरीर के अनुसार, इसी दौरान पीछे से आई काले रंग की क्रेटा कार ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। क्रेटा कार का पंजीकरण नंबर यूपी बीस सीएक्स नौ पांच सात सात बताया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार चालक वाहन को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। लालूखेड़ी फ्लाईओवर पर पहुंचते ही कार ने प्रशांत की मोटरसाइकिल में पीछे से जोरदार साइड मार दी।

टक्कर लगते ही मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई और प्रशांत सड़क पर गिरकर घिसटते चले गए। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें लगीं। फ्लाईओवर पर अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। राहगीरों और वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने घायल युवक की मदद की। घटना की सूचना मिलने पर तितावी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
अस्पताल पहुंचते ही थम गई सांसें
पुलिस ने गंभीर रूप से घायल प्रशांत मलिक को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बघरा भिजवाया। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उनका परीक्षण किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सिर में लगी गंभीर चोटों और शरीर पर आई अन्य चोटों के कारण चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। हादसे की सूचना परिवार तक पहुंचते ही कोहराम मच गया। जिस घर में जन्मदिन समारोह की तैयारियां थीं, वहां अचानक मातम छा गया।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रशांत की मौत की खबर उनके गांव और रिश्तेदारों तक पहुंची तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। जन्माष्टमी के अवकाश के बीच हुई इस घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
ड्यूटी खत्म कर गांव पहुंचे थे प्रशांत
प्रशांत मलिक मूल रूप से शामली जनपद के बाबरी थाना क्षेत्र के खानपुर तलवा माजरा गांव के निवासी थे। उनके पिता का नाम स्वर्गीय हरपाल सिंह बताया गया है। प्रशांत उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग में कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे और उनकी वर्तमान तैनाती मुजफ्फरनगर के विकास भवन स्थित कृषि विभाग कार्यालय में थी। नौकरी के कारण वह मुजफ्फरनगर शहर में ही रहते थे।
तीन सितंबर को प्रशांत ने रोजाना की तरह विकास भवन स्थित कृषि विभाग कार्यालय में अपनी ड्यूटी पूरी की थी। चार सितंबर को जन्माष्टमी का सरकारी अवकाश था। छुट्टी होने के कारण वह तीन सितंबर को ड्यूटी खत्म करने के बाद मुजफ्फरनगर से सीधे अपने गांव खानपुर तलवा माजरा पहुंच गए थे।
गांव पहुंचने के बाद उसी शाम उन्हें तितावी जाना था। तितावी में उनकी बुआ का लड़का रहता है, जहां जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रशांत इसी समारोह में शामिल होने के लिए अपनी अपाचे 160 मोटरसाइकिल से रवाना हुए थे। उनकी मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर यूपी उन्नीस बी शून्य एक चार चार बताया गया है।
परिजनों के मुताबिक, प्रशांत सामान्य रूप से मोटरसाइकिल लेकर घर से निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद लालूखेड़ी फ्लाईओवर पर एक हादसा उनके परिवार की जिंदगी बदल देगा। जन्मदिन समारोह में शामिल होने निकले प्रशांत घर वापस नहीं लौट सके।
प्रत्यक्षदर्शी ने अपनी आंखों से देखा हादसा
हादसे की तहरीर में प्रत्यक्षदर्शी के रूप में अक्षु चौधरी का नाम भी दर्ज कराया गया है। शिकायत के अनुसार, अक्षु चौधरी हादसे के समय मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा। वह शामली जनपद के बंतीखेड़ा गांव के निवासी बताए गए हैं और उनके पिता का नाम जयवीर सिंह है।
पुलिस की जांच में प्रत्यक्षदर्शी के बयान को अहम माना जा रहा है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों, कार चालक की भूमिका और दुर्घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
11 दिन तक नहीं हुई एफआईआर, तेहरवीं के बाद थाने पहुंचे रिश्तेदार
हादसे के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली थी, लेकिन तत्काल किसी परिजन की ओर से दुर्घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। घटना के करीब 11 दिन बाद 11 सितंबर को मृतक के रिश्तेदार मनोज कुमार ने तितावी थाने में लिखित तहरीर दी।
मनोज कुमार के पिता का नाम स्वर्गीय ओम सिंह है और वह शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के टिटौली गांव के निवासी बताए गए हैं। मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि प्रशांत की अचानक हुई मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में था। गांव और रिश्तेदारों के लोगों का लगातार घर आना जाना लगा हुआ था। इसके साथ ही परिवार के लोग तेहरवीं की सामाजिक और धार्मिक प्रक्रिया में व्यस्त थे। इसी वजह से हादसे के तत्काल बाद थाने पहुंचकर शिकायत नहीं दी जा सकी।
बाद में जब मनोज कुमार को जानकारी हुई कि प्रशांत की सड़क हादसे में मौत के मामले में परिवार की ओर से कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है, तो उन्होंने स्वयं तितावी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उन्होंने पुलिस से हादसे की रिपोर्ट दर्ज करने और तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाकर टक्कर मारने वाले क्रेटा चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कार चालक की भूमिका और हादसे के साक्ष्यों की जांच शुरू
तितावी थाना पुलिस ने मनोज कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दुर्घटना में शामिल बताई गई काले रंग की क्रेटा कार, उसके पंजीकरण नंबर यूपी बीस सीएक्स नौ पांच सात सात, चालक की भूमिका और हादसे के प्रत्यक्षदर्शी के बयान की जांच करेगी।
इसके साथ ही पुलिस दुर्घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में ले रही है। हादसे की परिस्थितियों और कार की गति तथा चालक की लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
प्रशांत मलिक की मौत से उनका परिवार गहरे सदमे में है। सरकारी नौकरी के जरिए परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत का इस तरह अचानक चले जाना परिजनों के लिए किसी बड़े आघात से कम नहीं है। जिस शाम वह जन्मदिन की खुशियों में शामिल होने निकले थे, उसी रात लालूखेड़ी फ्लाईओवर पर हुए हादसे ने एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया।

