वैदिक गणित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के तीसरे दिन के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता centre for studies of Ancient Indian Mathematics Devi Ahilya University, Indore, डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर एससी अग्रवाल पूर्व गणित विभागअध्यक्ष सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ द्वारा की गई विभाग के सभी फैकल्टीज उपस्थित रहे।
प्रोफ़ेसर जयमाला ने प्रोफेसर एससी अग्रवाल को धन्यवाद दिया
Contribution of Jain Mathematics
प्राचीन काल में प्रयोग में आने वाले वाले यज्ञ को वेदीया के निर्माण के विषय में चर्चा की।
द्विघात समीकरण के उदभव में गणित के संस्कृत श्लोक के विषय में चर्चा की।
Magic Square के निर्माण पर चर्चा की।
महावीरचार्य के गणित दर्शनशास्त्र पर बात की।
द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता वैदिक गणित विषय विशेषज्ञ अनिल ठाकुर रहे इनके व्यक्तित्व का Title Application of Bodhayan number रहा।
इस क्षेत्र की अध्यक्षता डॉ संदीप कुमार ने की।
Bodhayan number का यूज़ करते हुए ट्रिग्नोमेट्री को इजी कैसे बनाएं इस बारे में चर्चा की।
Bodhayan number और circular number के बीच रिलेशन बताते हुए complement of angle के विषय में समझाया। इन्होंने complex number का योग गुणनफल इत्यादि को सरल बनाने में Bodhayan number के योगदान पर चर्चा की।
तृतीय क्षेत्र के चरण में डॉ ओंकार लाल श्रीवास्तव रहे। यह राजनंदगांव के गवर्नमेंट कमलादेवी राठी गर्ल्स पीजी कॉलेज सीजी में गणित विभाग अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं इस सत्र की अध्यक्षता डॉक्टर शुरू कुमारी ने की।
इनके व्यक्तित्व का विषय Cryptography in Vedas and Ancient Scripturer रहा।
Cryptography विषय की विशेषता को समझाते हुए Cyber attack और COVID 19 के विषय पर चर्चा की।
इन्होंने अग्नि पुराण में गुरु पुराण पर चर्चा की।
इन्होंने ऋग्वेद वेद वैदिक साहित्य के बारे में विस्तार से बताया।
इन्होंने मेरे ऊपर स्तारवे मैजिक स्क्वेयर के बारे में विस्तार से बताया।
इन्होंने हड़प्पा चिन्ह के विषय में चर्चा की।
प्रोफेसर शिवराज सिंह गणित विभागाध्यक्ष ने बताया कि आज के सभी वक्ताओं के अपने अपने विषय की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यशाला का संचालन डॉक्टर सोनिया गुप्ता ने किया एवं रश्मि, दीप्ति, मोनिका, रिंकी ,वैशाली उमेफरवा आदि उपस्थित रहे।

