मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के चर्चित रामलीला टिल्ला नाबालिग अपहरण एवं सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मंगलवार को थाना कोतवाली नगर पुलिस और वांछित आरोपियों के बीच पानीपत-खटीमा हाईवे पर रेलवे पुल के नीचे मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को जंगल में चलाए गए कॉम्बिंग अभियान के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान फिरोज पुत्र अश्फाक निवासी मक्की नगर, साउथ खालापार और उस्मान पुत्र तस्लीम निवासी पुरबालियान, हाल निवासी जामिया गेट, साउथ खालापार के रूप में की है। दोनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।

हरिद्वार भागने की फिराक में होने की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार एक सितंबर 2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को मुकदमा संख्या 360/2026 में वांछित आरोपियों के पानीपत-खटीमा मार्ग से हरिद्वार की ओर भागने की सूचना मिली थी। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पानीपत-खटीमा हाईवे पर रेलवे पुल के नीचे चेकिंग शुरू की।
इसी दौरान शामली की ओर से बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया तो दोनों बाइक मोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो दोनों ने मोटरसाइकिल छोड़ दी और जंगल में घुस गए।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में फिरोज घायल
पुलिस के मुताबिक जंगल में घुसने के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिसकर्मी इस कथित फायरिंग में बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान फिरोज के पैर में घुटने के नीचे गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।
पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, उसका साथी उस्मान मौके से जंगल की ओर भाग निकला।
कॉम्बिंग अभियान चलाकर उस्मान को भी दबोचा
फिरोज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जंगल में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया। काफी तलाश के बाद पुलिस टीम ने उस्मान को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और वाहन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार बरामदगी में 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल शामिल है।
पहले पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
रामलीला टिल्ला प्रकरण में पुलिस इससे पहले नाजिम, आदिल, नदीम, कामरान और सम्राट इंटर कॉलेज के संचालक इरशाद अली खान उर्फ डॉ. सम्राट को गिरफ्तार कर चुकी है। मंगलवार को फिरोज और उस्मान की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
यह मामला 18 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
दो दिन के भीतर बरामद हुई थी नाबालिग किशोरी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि नाबालिग किशोरी को घटना के दो दिन के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया था। इसके बाद उसके बयान भी दर्ज कराए गए।
एसएसपी के अनुसार पुलिस मामले की विवेचना को केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।
होटलों के रिकॉर्ड से लेकर आर्थिक नेटवर्क तक जांच
पुलिस इस मामले में आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। इसके तहत होटलों के रिकॉर्ड, आरोपियों के आपसी संपर्क, आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसके अलावा क्लीनिक से फ्लेक्सी बोर्ड हटाए जाने से जुड़े मामले की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह के संपर्क थे और उनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था।
संगठित अपराध के एंगल पर भी नजर
एसएसपी ने बताया कि पूरे मामले में संगठित अपराध के एंगल से भी विवेचना की जा रही है। पुलिस आरोपियों की गतिविधियों, आपसी संपर्क और आर्थिक पहलुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच में यदि संगठित अपराध से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो आवश्यकता के अनुसार गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
रामलीला टिल्ला प्रकरण में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और पुलिस की विस्तृत जांच से साफ है कि पुलिस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू को खंगालने में जुटी है। मंगलवार की मुठभेड़ में दो इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी को इसी कार्रवाई की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

