विक्की त्यागी हत्याकांड में फिर टली गवाही, पिता के कोर्ट में पेश न होने से सुनवाई स्थगित; अब 10 सितंबर को होगी कार्रवाई

विक्की त्यागी हत्याकांड में फिर टली गवाही, पिता के कोर्ट में पेश न होने से सुनवाई स्थगित; अब 10 सितंबर को होगी कार्रवाई

मुजफ्फरनगर। जनपद के चर्चित कुख्यात अपराधी विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी हत्याकांड की सुनवाई लगातार न्यायालय में जारी है। मामले में विक्की त्यागी के पिता की गवाही होनी थी, लेकिन गवाह के न्यायालय में पेश न हो पाने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। न्यायालय ने अब अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। इससे पहले हत्याकांड में विक्की त्यागी की मां सुप्रभा त्यागी की गवाही न्यायालय में दर्ज हो चुकी है।

पुलिस सुरक्षा के बीच कचहरी लाया गया था विक्की त्यागी

जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि यह मामला करीब 11 वर्ष पुराना है। 16 फरवरी 2015 को विचाराधीन बंदी विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी को पुलिस सुरक्षा के बीच जिला कारागार से पेशी के लिए न्यायालय परिसर लाया गया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार इसी दौरान अधिवक्ता की वेशभूषा और पगड़ी पहनकर एक हमलावर न्यायालय परिसर में पहुंचा और विक्की त्यागी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलीबारी में विक्की त्यागी की मौके पर ही मौत हो गई थी। न्यायालय परिसर में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे जनपद में हड़कंप मच गया था।

वकील की ड्रेस में पहुंचे हमलावर ने बरसाई थीं गोलियां

अभियोजन के मुताबिक, 16 फरवरी 2015 को विक्की त्यागी को पेशी के लिए कचहरी लाए जाने के दौरान सागर मलिक नामक हमलावर वकील की ड्रेस में न्यायालय परिसर में दाखिल हुआ था। आरोप है कि उसने विक्की त्यागी पर गोलियां चला दीं।

अचानक हुई फायरिंग के बाद न्यायालय परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हत्याकांड से जुड़े तथ्यों को जुटाने का प्रयास किया।

हत्याकांड में दर्ज हुई थीं दो अलग-अलग एफआईआर

इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। पहली रिपोर्ट पुलिस गारद के सिपाही संत कुमार ने थाना नई मंडी में दर्ज कराई थी। वहीं दूसरी एफआईआर विक्की त्यागी की मां सुप्रभा त्यागी की ओर से थाना सिविल लाइन में दर्ज कराई गई थी।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार सीबीसीआईडी की जांच तत्कालीन एसपी अरविंद सेन की देखरेख में हुई थी।

सीबीसीआईडी जांच के बाद दाखिल हुई चार्जशीट

जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किए गए। अभियोजन के अनुसार पहले आरोप-पत्र में सागर मलिक, ब्रजबीर सिंह और सईद मुल्ला के नाम शामिल किए गए थे।

इसके बाद दूसरे आरोप-पत्र में पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह के भतीजे रंजनवीर का नाम शामिल किया गया और उसके खिलाफ फरारी में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

मां की गवाही के बाद पिता को होना था पेश

मामले की न्यायिक प्रक्रिया के तहत अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। विक्की त्यागी की मां सुप्रभा त्यागी के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। मंगलवार को उनके पिता की गवाही होनी थी, लेकिन उनके न्यायालय में उपस्थित न हो पाने के कारण सुनवाई टल गई।

शासकीय अधिवक्ताओं के अनुसार अब 10 सितंबर 2026 को मामले की अगली सुनवाई होगी। उस दिन गवाही की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

11 साल बाद भी न्यायालय में जारी है सुनवाई

वर्ष 2015 में न्यायालय परिसर में हुई इस सनसनीखेज हत्या को करीब 11 वर्ष बीत चुके हैं। इतने लंबे समय बाद भी मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। फिलहाल अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है और आगामी 10 सितंबर को होने वाली सुनवाई में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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