रामनगर नदी पुल पर मंत्री के आश्वासन के बाद धरना समाप्त, मोहन प्रजापति बोले- वादा पूरा नहीं हुआ तो भाजपा का होगा बहिष्कार

रामनगर नदी पुल पर मंत्री के आश्वासन के बाद धरना समाप्त, मोहन प्रजापति बोले- वादा पूरा नहीं हुआ तो भाजपा का होगा बहिष्कार

पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। शेरपुर खादर-लक्सर मार्ग पर रामनगर नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा दो दिवसीय धरना रविवार को समाप्त हो गया। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलने के बाद धरना स्थल पर पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर पुल निर्माण का आश्वासन दिया। मंत्री के भरोसे के बाद संगठन ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बरसात के बाद भी पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

धरना स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने आंदोलनकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि रामनगर नदी पर स्थायी पुल निर्माण के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और इसकी प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय अवश्य लगेगा, लेकिन सरकार इस समस्या के समाधान के लिए गंभीर है।

मंत्री ने कहा कि यदि स्थायी पुल निर्माण में समय लगता है तो किसानों और ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहले अस्थायी लोहे का पुल बनवाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ट्रैक्टर, बुग्गी, दोपहिया और अन्य वाहन आसानी से आवागमन कर सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बरसात समाप्त होने के बाद स्थायी पुल निर्माण का कार्य शुरू कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

इसके बाद भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि खादर क्षेत्र में अति पिछड़ा और दलित समाज की बड़ी आबादी निवास करती है, लेकिन वर्षों से इस क्षेत्र की उपेक्षा होती रही है। उन्होंने कहा कि रामनगर नदी पर पुल न होने के कारण किसानों, छात्रों, मजदूरों और आम नागरिकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है, क्योंकि उन्हें विद्यालय और कॉलेज पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मोहन प्रजापति ने आरोप लगाया कि वर्षों से यह मांग उठाई जाती रही, लेकिन किसी भी सरकार, सांसद या विधायक ने इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया। उन्होंने स्थानीय सांसद पर भी क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता में इसे लेकर भारी नाराजगी है।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कैबिनेट मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद बरसात के बाद पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा भाजपा के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि पुरकाजी विधानसभा सहित पूरे जिले में भाजपा के बहिष्कार के पोस्टर लगाए जाएंगे और आगामी चुनाव में पार्टी को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली पंचायत हाईवे पर नहीं, बल्कि मंत्री के आवास पर आयोजित की जाएगी।

हालांकि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के स्पष्ट आश्वासन के बाद धरना स्थल पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने संतोष व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को अपना वादा पूरा करने का अवसर दिया जा रहा है। इसी के साथ दो दिनों से जारी धरना समाप्त करने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

धरना स्थल पर भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजवीर सिंह प्रजापति, वरिष्ठ नेता कमल गौतम, यादराम प्रजापति, मुकेश कुमार, जिला प्रभारी जगदीश प्रजापति, बलविंद्र सिंह, प्रधान अतर सिंह प्रजापति, रजत प्रजापति, जिला अध्यक्ष विजय पाल, युवा जिला अध्यक्ष बिट्टू प्रजापति, ब्लॉक अध्यक्ष विकास प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष शादाब कुरैशी, शेहेन्द्र प्रजापति, गुरमुख सिंह, आशु, नरेश पाल, सतपाल, साधुराम, मनोज, विनोद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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