मुजफ्फरनगर/हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और हाथरस में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र में तार चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा गया। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं हाथरस में फायरिंग के मामले में वांछित चार आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। वहां भी एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हुआ।

मुजफ्फरनगर में तितावी थाना पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि तार चोरी करने वाला गिरोह किसी वारदात को अंजाम देने के लिए इलाके में पहुंचने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध स्थान पर घेराबंदी कर दी। इसी दौरान सामने से कुछ लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर कथित रूप से फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश की पहचान शाहनवाज के रूप में हुई। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। इसके बाद मौके से तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुनैद उर्फ शाहरुख, ताहिर और आसिफ के रूप में की है। पुलिस के अनुसार शाहनवाज, जुनैद उर्फ शाहरुख और ताहिर थाना छपार क्षेत्र के भैंसाहेड़ी गांव के रहने वाले हैं, जबकि आसिफ दिल्ली का निवासी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, दो चाकू और दो बाइक बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 10 कुंतल से अधिक चोरी का तार बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक चोरी किए गए तार को दिल्ली ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही मैजिक गाड़ी को भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के जरिए तार चोरी की अन्य घटनाओं, गिरोह के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
हाथरस में फायरिंग के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
उधर, हाथरस जिले में भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के नगला इमलिया का है। पुलिस के मुताबिक 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात अरविंद नाम का आरोपी अपने साथियों के साथ एक घर पर पहुंचा था। वहां गाली-गलौज के बाद कथित तौर पर हवाई फायरिंग की गई थी और आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस और एसओजी की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। इसी दौरान मंगलवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी इलाके से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी अरविंद के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसके तीन अन्य साथियों उमेश मीना, दिनेश उर्फ दिन्ना और संजय को भी मौके से पकड़ लिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार तमंचे, कारतूस और दो मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग की घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों मामलों में पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

