कानपुर. कानपुर के कमला क्लब निवासी हार्ट पेशेंट हृदय नारायण श्रीवास्तव (72) के खुदकुशी करने के मामले में फजलगंज पुलिस ने कॉटन के प्रबंधक संजय दुबे और सुरक्षा अधिकारी रवींद्र सिंह के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। रिपोर्ट दर्ज होते ही अधिकारी घर से लापता हो गए।

मूलरूप से औरैया के चपौली निवासी हृदयनारायण श्रीवास्तव अपनी पत्नी उर्मिला व दो बेटों, बहुओं और पौत्रों के साथ कमला क्लब में स्थित बंगला नंबर 43 में रहते थे। छोटे बेटे अमित सौरभ ने बताया कि उनके पिता मिल में तीनों शिफ्ट के स्टिलिंग इंचार्ज थे। तीस साल से प्रबंधन ने तनख्वाह के 30 लाख रुपये नहीं दिए।

उल्टा मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे। कभी बिजली, पानी का कनेक्शन काट दिया जाता तो कभी सड़कें खोद दी जातीं। इसी के चलते पूरा परिवार काफी परेशान था। बुधवार सुबह घर से निकलने के बाद पिता हृदयनारायण ने जरीब चौकी रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उन्होंने मिल प्रबंधक और सुरक्षा अधिकारी के प्रताड़ित करने की बात लिखी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के बेटे की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अमित ने बताया कि उनकी मां प्रबंधक और सिक्योरिटी अधिकारी की प्रताड़ना के चलते डिप्रेशन की शिकार हो गई हैं। पिता के सुसाइड की खबर मिलते ही प्रबंधन ने घर का बिजली और पानी का कनेक्शन जोड़ दिया, जिससे उन पर कोई आंच न आए।
आपको बता दें कि कानपुर के कमला क्लब निवासी एक बुजुर्ग ने बुधवार को जरीब चौकी क्रॉसिंग पर ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। गुरुवार को शव की शिनाख्त हुई और एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें बुजुर्ग ने कॉटन मिल प्रबंधक व सुरक्षा अधिकारी पर प्रताड़ना का आरोप लगा खुदकुशी का जिम्मेदार ठहराया। फिलहाल मामले की तफ्तीश जीआरपी कर रही है।