सहारनपुर। गतरोज थाना नकुड़ अन्तर्गत नगर के विश्वकर्मा चौक निवासी जितेन्द्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि उसने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन से दस हजार रूपये लेकर मोमोज का काम शुरू किया था जहां विकास व एक अन्य होमगार्ड अक्सर आकर मोमोज खा जाते थे। जिन पर गतरोज जितेन्द्र द्वारा मोमोज के पैसे मांग लिये गये तो उक्त दोनों होमगार्डो द्वारा जितेन्द्र की पहले पिटाई की गयी फिर उसे शराब का नशा होने का आरोप लगाते हुए थाने ले जाया गया। जहां जितेन्द्र ने बताया कि देवेश नामक दरोगा द्वारा भी उसकी बुरी तरह पिटाई की गयी। जिसे लेकर जितेन्द्र आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दरबार में गुहार लगाने आया था,परन्तु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मौके पर न मिलने के कारण वह पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से मिला और अपनी पीड़ा सुनाई। जितेन्द्र ने मीडिया के सामने उक्त सब बाते बताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा उनका मोबाइल भी तोड़ दिया गया। इसके बाद अब उनकी एक ही मांग है कि उन्हें इंसाफ मिलना चाहिये और ऐसे पुलिसकर्मियों को थाने में नहीं रहना चाहिये जो गरीबों के साथ न्याय नहीं कर सकते। अब देखना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही अमल में लाई जाती है।
