सहारनपुर। गतरोज जुमे की नमाज़ के बाद महानगर सहारनपुर मंे भाजपा सांसद नुपुर शर्मा व प्रवक्ता नवीन जिंदल द्वारा नबी की शान मंे अपशब्द बोले जाने पर उनकी गिरफतारी को लेकर सोशल मीडिया पर जो भारत बंद का आह्वान कुछ लोगों द्वारा किया गया जिस पर कुछ प्रोटेस्ट करने वालों के साथ नमाज़ी भी धार्मिक भावनाओं में बहकर जामा मस्जिद से चलकर चौकी सराय नेहरू मार्किट होते हुए घंटाघर पहुंचे थे को पुलिस द्वारा वापस लौटा दिया गया। जिनमें से कुछ शरारती तत्वों द्वारा नेहरू मार्किट से गुजरते हुए कुछ हरकतें की गयी जिन पर पुलिस ने एक्शन लेते हुए गिरफतारियां शुरू की और दो आरोपियों के घरों पर बुल्डोजर द्वारा तोड़फोड़ भी की गयी। इस घटनाक्रम पर बोलते हुए पुलिस अधीक्षक नगर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि काले कपड़े-नीली टोपी ग्रुप बेबुनियाद बकवास है। जबकि उन्हें गिरफतारियों के बाद पूछताछ में इस प्रकार के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि यह प्रायोजित था बल्कि सैल्फ मोटीवेटिड था। वहीं उन्होंने बताया कि पुलिस कार्यवाही में अब तक 84 लोग शिकंजे मंे आ चुके हैं जिनकी जांच कराने पर उनके मकान अवैध पाये गये थे। जिन पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। आगे उन्होंने बताया कि शेष लोगों की भी सूची बनाकर सहारनपुर विकास प्राधिकरण व सहारनपुर नगर निगम को दी जा चुकी है। जो जांच कर अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेगे, तत्पश्चात उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट में उनकी जानकारी के अनुसार सभी नवयुवक 18-20 साल की उम्र के थे। जो सम्भवतः परिणाम से अंजान होंगे। बर्बरतापूर्वक मारपीट के सवाल पर पुलिस अधीक्षक नगर राजेश कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में कोई इस प्रकार का मामला नहीं आया है और यदि आता है तो वह जांच कर कड़ी कार्यवाही करेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रोटेस्ट प्रकरण के दौरान असामाजिकता में लिप्त लोगों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही की बात पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यह जांच का विषय है। यदि दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ उक्त धारा में कार्यवाही की जा सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपियों में से जो लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं की भी जांच की जा रही है।
अब सवाल यह उठता है कि खाताखेड़ी निवासी मुन्नी बेगम ने हिरासत मंे पुलिस दरोगा द्वारा बर्बरतापूर्वक पिटाई की वीडियो में चार आरोपियों को पहचान करते हुए अपने पति फुरकान अहमद व उनके दोस्त महराज तथा बेटे समद व कैफ को पूरी तरह पहचान लिया है। जिससे साफ जाहिर है कि हिरासत मंे बर्बरतापूर्वक पिटाई नगर कोतवाली थाने की ही है। अब देखना है जनपद पुलिस नगर कोतवाली पुलिस के उक्त दरोगा पर क्या कार्यवाही करती है,जो हिरासत में लिये बेगुनाह बताये गये लोगों पर जानवरों की तरह लाठियां बरसा रहे हैं।
