मेरठ। जागृति विहार निवासी एक युवती ने मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर करीब दस वर्षों तक यौन शोषण करने, कई बार गर्भपात कराने, दहेज की मांग करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को पीड़िता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंची और कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता का आरोप है कि मेडिकल थाना पुलिस से शिकायत करने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 में वह पेट के संक्रमण के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे डॉक्टर आकाशदीप से हुई। इलाज के दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में दोस्ती हो गई। पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर ने शादी का वादा किया और कोर्ट मैरिज का भरोसा देकर उसे अपने साथ किराये के मकान में रखने लगा।

पीड़िता का कहना है कि शादी का झांसा देकर डॉक्टर ने उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। वर्ष 2019 में पहली बार गर्भवती होने पर आरोपी ने अपने परिजनों की मदद से मुजफ्फरनगर में उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद भी शादी का आश्वासन देकर उसके साथ संबंध बनाए रखे और दोबारा गर्भ ठहरने पर भी कथित रूप से गर्भपात कराया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया और इलाज के दौरान उसे अलग-अलग स्थानों पर अपने परिजनों के यहां भी रखा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब भी वह शादी की बात करती थी तो आरोपी उसके साथ मारपीट करता था। उसने अप्राकृतिक यौन शोषण करने, गाली-गलौज करने और शिकायत करने पर उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी कहता था कि वह डॉक्टर है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने बाद में शादी के लिए 14 लाख रुपये की कार और 25 लाख रुपये नकद दहेज की मांग की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और एक बार दुपट्टे से गला घोंटकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। पीड़िता का आरोप है कि तीसरी बार गर्भवती होने पर उसे कैल्शियम की दवा बताकर गर्भ गिराने की दवा दे दी गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि आरोपी और उसके परिजनों की मिलीभगत से उसके चार गर्भ समाप्त कराए गए। शिकायत में आरोपी के भाई, बहनों सहित कुछ चिकित्सकों और नर्सों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है।
पीड़िता का आरोप है कि 2 अप्रैल 2026 को आरोपी ने उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया और बाद में उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया। वर्तमान में आरोपी गाजियाबाद में कार्यरत है।
पीड़िता ने बताया कि उसने 14 जून 2026 को मेडिकल थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद कई बार थाने जाने और डाक के माध्यम से विस्तृत शिकायत तथा दस्तावेज भेजने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी का एक रिश्तेदार मेडिकल थाने में तैनात होने के कारण कार्रवाई प्रभावित हुई।
अब पीड़िता ने एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी और शिकायत में नामजद अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

