मुजफ्फरनगर में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में डीएम कार्यालय पहुंचे व्यापारी, बिना नोटिस कार्रवाई पर जताया कड़ा विरोध

मुजफ्फरनगर में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में डीएम कार्यालय पहुंचे व्यापारी, बिना नोटिस कार्रवाई पर जताया कड़ा विरोध

मुजफ्फरनगर। जनपद में लगातार चल रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में शनिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में मेरठ रोड स्थित यूनिक प्लाजा के दुकानदारों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि बिना पर्याप्त नोटिस और समय दिए किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान को सील न किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग की लापरवाही का खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना था कि वर्षों पहले बनी मार्केट में व्यापारियों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर दुकानें खरीदीं और कारोबार शुरू किया, लेकिन अब बिना पूर्व सूचना के दुकानों को सील किया जा रहा है। व्यापारियों ने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि प्रशासन को पहले कमियां बताकर उन्हें दूर करने का अवसर देना चाहिए था।

व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि पूरे जनपद में जिस तरह से सीलिंग अभियान चलाया जा रहा है, उससे व्यापारियों और होटल संचालकों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिकांश व्यापारी नियमों का पालन करना चाहते हैं और यदि किसी प्रतिष्ठान में कोई कमी है तो उसे दूर करने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए। बिना चेतावनी और बिना सुनवाई के की जा रही कार्रवाई से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की कि जिन दुकानों और प्रतिष्ठानों में तकनीकी या अन्य कमियां पाई गई हैं, उन्हें तत्काल सील करने के बजाय निर्धारित समय सीमा दी जाए, ताकि व्यापारी आवश्यक दस्तावेज पूरे कर नियमों का पालन कर सकें। उनका कहना था कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद स्थापित कर इस समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।

दुकानदार अब्दुल कादिर ने बताया कि वह छोटे व्यापारी हैं और रोज की कमाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि यूनिक प्लाजा में सभी दुकानदारों ने दुकानें खरीदकर उनमें लाखों रुपये का सामान रखा हुआ है। अचानक अधिकारियों ने पहुंचकर दुकानों को सील कर दिया और अंदर रखा सामान निकालने तक का अवसर नहीं दिया। उनका कहना था कि यदि मार्केट के निर्माण में कोई कमी थी तो संबंधित विभाग को उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। अब कई वर्ष बाद दुकानदारों पर कार्रवाई करना पूरी तरह अनुचित है।

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता और बिना नोटिस की कार्रवाई जारी रहती है तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। उन्होंने प्रशासन से व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील रवैया अपनाने और पहले चेतावनी देकर कमियों को दूर करने का अवसर देने की मांग की।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *