मेरठ। ट्रांसपोर्ट नगर में रविवार को जीएसटी विभाग की कार्रवाई के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विभागीय टीम द्वारा दो ट्रकों को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने विभागीय वाहनों को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

जानकारी के अनुसार जीएसटी विभाग की टीम माधव ट्रांसपोर्ट की दो ट्रकों को अपने साथ ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची थी। इसकी सूचना मिलते ही ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कारोबारी मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने विभागीय कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम को घेर लिया और वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

प्रदर्शन के दौरान ट्रांसपोर्टरों और जीएसटी अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को संभालने के लिए विभाग की ग्रेड-2 अधिकारी मनीषा शुक्ला मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ट्रांसपोर्टरों से जुड़े किसी भी मामले में कार्रवाई करने से पहले एसोसिएशन को सूचना दी जाएगी, जिससे अनावश्यक विवाद की स्थिति न बने।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता और उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और ट्रांसपोर्टरों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पहले से ही आर्थिक चुनौतियों और मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में इस प्रकार की कार्रवाई से कारोबारियों की परेशानियां और बढ़ रही हैं।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग द्वारा लगातार ट्रांसपोर्टरों के वाहनों को रोककर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग का रवैया नहीं बदला तो ट्रांसपोर्टर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
प्रदर्शन में महामंत्री दीपक गांधी, रोहित कपूर, अंकुर प्रजापति, सरदार खेता सिंह, सरदार संतोक सिंह, अभिनव गोयल, योगेश सिंघल, अनीस चौधरी, बबलू, प्रेम सिंह, अतुल शर्मा, अशोक शर्मा, नीरज मुल्तानी सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
फिलहाल वार्ता के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन ट्रांसपोर्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

