मुजफ्फरनगर। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, रेलवे परिसर में अपराधों पर नियंत्रण रखने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार को पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज ने जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, आधुनिक तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल, महिला सुरक्षा व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को रेलवे परिसर तथा ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

12 अक्टूबर 2026 को पुलिस महानिदेशक रेलवे उत्तर प्रदेश प्रकाश डी के निर्देशन में हुए इस निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने थाने के विभिन्न अनुभागों का जायजा लिया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव से लेकर शस्त्रागार, मालखाने, कंप्यूटर कक्ष, हवालात और पुलिसकर्मियों की बैरकों तक की व्यवस्थाओं को परखा। इसके साथ ही महिला हेल्प डेस्क पर शिकायतों के निस्तारण, मिशन शक्ति और ऑपरेशन मुस्कान की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक रामकृष्ण भारद्वाज ने थाने में उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों की कार्यक्षमता का जायजा लिया। इनमें बॉडी वॉर्न कैमरा, टैबलेट, ब्लूटूथ स्पीकर और अन्य उपकरण शामिल रहे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को इन संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल रेलवे परिसर और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पुलिसकर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अपराधों की रोकथाम के लिए सतर्क रहने और किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
शस्त्र हैंडलिंग और दंगा नियंत्रण ड्रिल से परखी तैयारी
वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों की आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता का आकलन भी किया गया। इस क्रम में कर्मचारियों से शस्त्रों की हैंडलिंग कराई गई और बलवा ड्रिल तथा दंगा नियंत्रण ड्रिल का अभ्यास कराया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों की तैयारी और सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने शस्त्रों की नियमित साफ-सफाई, सुरक्षित रखरखाव और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार उनके इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दंगा नियंत्रण उपकरणों को व्यवस्थित रखने और जरूरत पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को किसी अप्रिय घटना, कानून-व्यवस्था की स्थिति या अन्य आपातकालीन परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखना भी रहा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पुलिसकर्मियों के बीच समन्वय और प्रशिक्षण पर लगातार ध्यान दिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।
महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण, मिशन शक्ति की समीक्षा
पुलिस महानिरीक्षक ने निरीक्षण की शुरुआत महिला हेल्प डेस्क से की। यहां उन्होंने महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था का जायजा लिया और तैनात महिला पुलिसकर्मियों को शिकायतों पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान ऑपरेशन मुस्कान और मिशन शक्ति अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। महिला संबंधी मामलों में शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनने, जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया गया।
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में विभिन्न स्थानों से आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया गया। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और शिकायत मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मालखाने, शस्त्रागार और बैरकों की व्यवस्थाएं परखीं
निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने थाने की राजकीय संपत्ति, विभिन्न अभिलेखों, मालखाने, शस्त्रागार, कंप्यूटर कक्ष, हवालात और बैरकों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अभिलेखों को व्यवस्थित रखने और सरकारी संपत्ति की उचित देखभाल करने के निर्देश दिए।
शस्त्रागार में रखे हथियारों की साफ-सफाई और उनके सुरक्षित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके साथ ही थाने में उपलब्ध उपकरणों और अन्य संसाधनों को व्यवस्थित रखने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस महानिरीक्षक ने थाने की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए अभिलेखों के नियमित रखरखाव और दैनिक कार्यों में अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए गए।
लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने थाने में लंबित विवेचनाओं और अन्य प्रकरणों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और विवेचनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने रेलवे से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया। साथ ही ट्रेनों तथा रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपराध नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा और मामलों की विवेचना में तेजी लाने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्ययोजना के अनुसार काम किया जाए।
सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं
वार्षिक निरीक्षण के बाद पुलिस महानिरीक्षक रामकृष्ण भारद्वाज ने सैनिक सम्मेलन आयोजित किया। इसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनसे कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के संबंध में सुझाव भी मांगे।
सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों से कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। पुलिस महानिरीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। इस दौरान अधिकारियों को कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर के वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक रेलवे मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गाजियाबाद अशोक कुमार सिसौदिया सहित थाने के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग, महिला सुरक्षा, शस्त्रों के रखरखाव, पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस महानिरीक्षक ने थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया।

