मुजफ्फरनगर कोर्ट सख्त: BSA संदीप कुमार के NBW पर पुलिस से जवाब तलब, CO सिटी को 16 अक्टूबर तक देना होगा स्पष्टीकरण

मुजफ्फरनगर कोर्ट सख्त: BSA संदीप कुमार के NBW पर पुलिस से जवाब तलब, CO सिटी को 16 अक्टूबर तक देना होगा स्पष्टीकरण

मुजफ्फरनगर। महिला के घर में घुसकर मारपीट और जानलेवा हमले से जुड़े करीब छह साल पुराने मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संदीप कुमार के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट का अनुपालन नहीं होने पर सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अदालत ने उन्हें 16 अक्टूबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

इसी मामले में बीएसए संदीप कुमार अपने अधिवक्ता श्रवण कुमार के साथ न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की एफटीसी थर्ड कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान उन्होंने संबंधित विद्यालय के स्थानांतरण प्रमाणपत्र और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के संबंध में अपना पक्ष रखा। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निरस्त करने की अर्जी स्वीकार कर ली। साथ ही उन्हें आवश्यक शैक्षणिक अभिलेखों के साथ 23 अक्टूबर को दोबारा अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।

वारंट का अनुपालन नहीं होने पर अदालत ने मांगा जवाब

मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने बीएसए संदीप कुमार को पूर्व में न्यायालय में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद पुलिस को वारंट का अनुपालन सुनिश्चित कर उन्हें न्यायालय में पेश कराने के निर्देश दिए गए।

बताया गया है कि वारंट जारी होने के बावजूद बीएसए को न्यायालय में पेश नहीं किए जाने पर अदालत ने नाराजगी जताई। इसी क्रम में सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा से जवाब तलब किया गया है। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद वारंट का अनुपालन क्यों नहीं हो सका।

अदालत ने नोटिस की तामील और न्यायिक आदेशों के अनुपालन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। न्यायालय की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि न्यायिक आदेशों का पालन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

कानून के सामने सभी समान, आदेशों का पालन जरूरी

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विधि के शासन और कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत का उल्लेख किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून सभी व्यक्तियों पर समान रूप से लागू होता है और किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति के मामले में न्यायिक आदेशों के अनुपालन को लेकर अलग मानक नहीं अपनाया जा सकता।

इसी आधार पर पुलिस से वारंट के अनुपालन में हुई देरी या कमी के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीओ सिटी को 16 अक्टूबर तक अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। अब इस तारीख पर पुलिस की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण पर भी नजर रहेगी।

अधिवक्ता के साथ अदालत पहुंचे बीएसए संदीप कुमार

सोमवार को बीएसए संदीप कुमार अपने अधिवक्ता श्रवण कुमार के साथ न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने संबंधित विद्यालय के स्थानांतरण प्रमाणपत्र यानी टीसी और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के संबंध में अपना पक्ष रखा।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लिया। इसके बाद उनकी ओर से गैर जमानती वारंट को वापस लेने के लिए प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र पर विचार किया गया। अदालत ने वारंट रिकॉल करने की अर्जी स्वीकार कर ली और उन्हें आगामी सुनवाई पर आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया।

अदालत की ओर से निर्धारित अगली तारीख पर बीएसए को संबंधित विद्यालय के रिकॉर्ड प्रस्तुत करने होंगे, ताकि मुकदमे से जुड़े आरोपियों की उम्र के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सके।

वर्ष 2020 में महिला ने दर्ज कराया था मुकदमा

यह मामला वर्ष 2020 का है। नई मंडी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग जबरन उसके घर में घुस आए और उसके साथ मारपीट करते हुए जानलेवा हमला किया। महिला की शिकायत के आधार पर मोनू, कृष्णपाल, सत्यम और बंटू समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों के परिजनों की ओर से दावा किया गया कि घटना के समय वे नाबालिग थे। इस दावे के बाद अदालत के सामने उनकी वास्तविक उम्र निर्धारित करने का प्रश्न आया। आरोपियों की उम्र का निर्धारण मुकदमे की सुनवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण होने के कारण न्यायालय ने संबंधित शैक्षणिक अभिलेख तलब किए।

इसी प्रक्रिया के तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार को न्यायालय में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

आरोपियों की उम्र की पुष्टि के लिए मांगे गए शैक्षणिक रिकॉर्ड

दो आरोपियों के नाबालिग होने के दावे की जांच के लिए अदालत ने संबंधित विद्यालय के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। न्यायालय की ओर से प्रवेश रजिस्टर, स्थानांतरण प्रमाणपत्र रजिस्टर, छात्रवृत्ति रजिस्टर और अन्य संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना के समय दोनों आरोपियों की उम्र कितनी थी। उम्र से संबंधित दावों की पुष्टि के लिए विद्यालय के रिकॉर्ड महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

बीएसए को इन अभिलेखों के संबंध में जानकारी उपलब्ध करानी है। अदालत ने अगली सुनवाई पर जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि उम्र निर्धारण से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

बचाव पक्ष ने निजी विद्यालय से जुड़ा बताया मामला

बीएसए संदीप कुमार के अधिवक्ता श्रवण कुमार ने बताया कि संबंधित मामला एक निजी विद्यालय से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, विद्यालय के सभी अभिलेखों की पूरी जानकारी तत्काल बीएसए कार्यालय के पास उपलब्ध नहीं थी।

अधिवक्ता ने कहा कि आवश्यक रिकॉर्ड की गहन जांच कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने का अनुरोध भी किया गया है।

मामले में अब विद्यालय के अभिलेखों की उपलब्धता और उनकी जांच के आधार पर आगे की सुनवाई होगी। न्यायालय ने संबंधित दस्तावेजों को अगली तारीख पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

16 और 23 अक्टूबर की तारीखें महत्वपूर्ण

इस मामले में अदालत ने आगे की कार्रवाई के लिए दो महत्वपूर्ण तारीखें निर्धारित की हैं। सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा को बीएसए के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट का अनुपालन नहीं होने के संबंध में 16 अक्टूबर तक स्पष्टीकरण देना है।

वहीं, बीएसए संदीप कुमार को 23 अक्टूबर को संबंधित विद्यालय के आवश्यक शैक्षणिक अभिलेखों के साथ दोबारा न्यायालय में उपस्थित होना होगा।

अब अगली सुनवाई में पुलिस के स्पष्टीकरण और विद्यालय के दस्तावेजों के आधार पर मामले की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। मुकदमे में आरोपियों की उम्र से जुड़े विवाद के निस्तारण के लिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेख महत्वपूर्ण होंगे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *