मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जनपद में विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड ने एक बार फिर इलाके को दहला दिया है। अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या और फिर शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने जैसे गंभीर आरोपों वाले इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और वांछित आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, थाना सिखेड़ा पुलिस को गुरुवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस चर्चित हत्याकांड में वांछित आरोपी शुभम किसी स्थान से फरार होने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने बेहड़ा आस्सा चौराहे पर चेकिंग अभियान शुरू किया।

चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध व्यक्ति को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तत्काल हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शुभम निवासी कादीपुर बताया। उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह 18 मई को हुए विकसित उर्फ रॉकी के अपहरण और हत्या की साजिश में शामिल था।
मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या की साजिश के पीछे पारिवारिक विवाद और संपत्ति को लेकर रंजिश बताई जा रही है। आरोप है कि मृतक रॉकी के सौतेले बेटे बादल ने अपनी पत्नी रेनू, दोस्त मोंटी त्यागी और अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। इसी साजिश के तहत अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या की गई और बाद में शव को अलग-अलग स्थानों पर छिपाने का प्रयास किया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि शुभम फरार चल रहा था।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन कर रही है।
फिलहाल पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जांच में लगी हुई हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

