मुजफ्फरनगर में हेड कांस्टेबल और पत्नी के परिजनों में विवाद, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच शुरू

मुजफ्फरनगर में हेड कांस्टेबल और पत्नी के परिजनों में विवाद, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच शुरू

मुजफ्फरनगर। पुलिस विभाग से जुड़े एक हेड कांस्टेबल और उनकी पत्नी के परिजनों के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्नी के परिजनों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है, जबकि हेड कांस्टेबल ने पत्नी के रिश्तेदारों पर उसके साथ मारपीट करने और पत्नी व बच्चों को उससे दूर रखने का आरोप लगाया है।

मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव के स्तर से की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों और सामने आए तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पत्नी के परिजनों ने घर में घुसकर मारपीट का लगाया आरोप

पत्नी के परिजनों की ओर से अंकुश ने आरोप लगाया कि उनके रिश्ते में मौसा लगने वाले हेड कांस्टेबल सोनू की पत्नी पिछले कुछ समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के कारण उनके घर आई हुई थी। अंकुश का आरोप है कि इसी दौरान हेड कांस्टेबल अपने कुछ साथियों के साथ उनके घर पहुंचे।

आरोप है कि घर में मौजूद महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की गई। अंकुश के अनुसार महिलाओं को घसीटा गया और उनका वीडियो बनाने का भी प्रयास किया गया। परिवार ने घटना के बाद अपनी मां का चिकित्सकीय परीक्षण कराया, जिसमें चोटें सामने आने का दावा किया गया है।

अंकुश का कहना है कि घटना की शिकायत नई मंडी थाने में दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर परिवार एसएसपी कार्यालय पहुंचा। वहां से मामले की जांच के लिए क्षेत्राधिकारी नई मंडी को निर्देश दिए गए।

हथियार लेकर पहुंचने का भी लगाया आरोप

अंकुश के अनुसार उन्होंने क्षेत्राधिकारी को शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि घटना के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की गई तथा कुछ लोग हथियार लेकर भी पहुंचे थे।

उन्होंने एसएसपी कार्यालय में एक व्यक्ति द्वारा पुलिसकर्मी को रिश्वत देने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया है। अंकुश का दावा है कि इस घटनाक्रम का वीडियो उनके पास मौजूद है। हालांकि रिश्वत देने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

हेड कांस्टेबल ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर हेड कांस्टेबल सोनू ने पत्नी के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। सोनू के मुताबिक वह और उनकी पत्नी दोनों पुलिस विभाग में नौकरी करते हैं। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी कुछ दिन पहले घर से नकदी, जेवर और जरूरी दस्तावेज लेकर चली गई थीं। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था।

सोनू ने बताया कि उन्होंने पत्नी के लापता होने की शिकायत कंकरखेड़ा थाने में दी थी। पत्नी की तलाश के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि वह अपनी बहन के घर हो सकती हैं। इसी जानकारी के आधार पर वह पत्नी के रिश्तेदारों के घर पहुंचे थे।

रिश्तेदारों पर मारपीट करने का आरोप

सोनू का आरोप है कि पत्नी के रिश्तेदारों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनके सिर और घुटने में चोट आई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका मोबाइल फोन, चेन और अन्य सामान ले लिया गया था।

सोनू के मुताबिक बाद में पुलिस की मदद से मोबाइल और अन्य सामान वापस मिला। उन्होंने पत्नी के परिजनों की ओर से लगाए गए मारपीट और अन्य आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद सामने आएगी।

रिश्वत के आरोप से भी किया इनकार

एसएसपी कार्यालय में रिश्वत देने के आरोप को भी हेड कांस्टेबल सोनू ने पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि वह मामले के संबंध में अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखने के लिए आए थे और किसी पुलिसकर्मी को रिश्वत देने से उनका कोई संबंध नहीं है।

पत्नी और बच्चों से मिलने की मांग

हेड कांस्टेबल सोनू ने कहा कि उनकी मुख्य मांग अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने की है। उनका दावा है कि करीब 15 दिनों से उन्होंने अपने बच्चों को नहीं देखा है और उन्हें यह जानकारी भी नहीं मिल पा रही कि बच्चे इस समय कहां हैं।

उन्होंने पत्नी के परिजनों से बच्चों को उनसे मिलवाने और उनका सामान वापस करने की मांग की है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप और दावे सामने आए हैं। एक पक्ष महिलाओं से मारपीट और अभद्रता का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि उसके साथ मारपीट की गई और पत्नी व बच्चों को उससे दूर रखा जा रहा है।

मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव के स्तर से की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों, चिकित्सकीय रिपोर्ट, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है और पूरे विवाद में वास्तविक रूप से क्या घटनाक्रम हुआ।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *