मुजफ्फरनगर। शहर में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को कच्ची सड़क, गाजावाली, आनंदपुरी, इंद्रा कॉलोनी, गंगारामपुरा, मल्हूपुरा, केवलपुरी समेत कई इलाकों में करीब सात घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों का धैर्य जवाब दे गया। दिनभर बिजली न आने और रात में भी लगातार कटौती से परेशान सैकड़ों उपभोक्ताओं ने महावीर चौक स्थित मुख्य बिजलीघर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस के बीच सुबह से ही बिजली गुल हो गई थी। कई इलाकों में सुबह करीब आठ बजे बंद हुई आपूर्ति दोपहर करीब तीन बजे बहाल हुई, लेकिन उसके बाद भी बार-बार ट्रिपिंग और कटौती का सिलसिला जारी रहा। लगातार बिजली न रहने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिजली कटौती के कारण पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई। बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और लोगों को पानी के संकट से भी जूझना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार मरीजों को हुई, जिन्हें भीषण गर्मी में बिना बिजली के घंटों रहना पड़ा।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के लिए जब उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो कई अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, जबकि कुछ ने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई।
रात में बड़ी संख्या में लोग महावीर चौक स्थित मुख्य बिजलीघर पहुंचे और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी तो विभाग को इसकी जानकारी पहले ही सार्वजनिक करनी चाहिए थी। लेकिन विभाग की ओर से कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई और शिकायतों का भी संतोषजनक समाधान नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान बिजलीघर के कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे उपभोक्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ। काफी देर तक प्रदर्शनकारियों और विभागीय कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शहर की बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ और अधिकारियों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आया तो वे जिला मुख्यालय का घेराव कर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने का कार्य किया जा रहा है और जल्द ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।

