मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सातवें वेतनमान का लाभ, समान कार्य के लिए समान वेतन और मृतक आश्रितों को नौकरी देने सहित कई प्रमुख मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन माह के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में संघ ने मांग की कि प्रदेश के स्थानीय निकायों में कार्यरत लगभग 65 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण किया जाए। साथ ही सेवा के दौरान मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देकर उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
संघ ने यह भी मांग उठाई कि अप्रैल 2004 से पहले नियुक्त कर्मचारियों की तरह संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। इसके अलावा सातवें वेतनमान को लागू करने और समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सफाई कर्मचारी वर्षों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
संघ के प्रदेश महामंत्री एवं जिला प्रभारी सुधीर वाल्मीकि ने कहा कि यदि तीन माह के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो मुजफ्फरनगर से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक आंदोलन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में संघ के जिला महामंत्री सचिन चड्ढा, जिला अध्यक्ष कमल घावरी सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, पदाधिकारी और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।

