मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मदीना चौक के पास स्थित मां भगवती ज्वेलर्स की दुकान पर सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब कुछ ग्राहकों ने दुकानदार पर सोने और चांदी के नाम पर कथित तौर पर दूसरी धातुओं के आभूषण बेचने का आरोप लगाया। ग्राहकों का दावा है कि सोने की ज्वेलरी बताकर तांबे के आभूषणों पर सोने की परत चढ़ाकर दी गई, जबकि चांदी के नाम पर दिए गए कुछ आभूषण एल्युमिनियम के बताए गए।

हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से मामले की जानकारी ली। हालांकि, देर तक चले विवाद के बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी गई। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

10 से 12 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदने का दावा
इमरान कॉलोनी निवासी नईम ने आरोप लगाया कि उन्होंने मां भगवती ज्वेलर्स से करीब 10 से 12 लाख रुपये की सोने और चांदी की ज्वेलरी बनवाई थी। बाद में आभूषणों की जांच मोती महल में कराई गई। नईम के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें बताया गया कि सोने के नाम पर दिए गए कुछ आभूषण वास्तव में तांबे के हैं और उन पर सोने की परत चढ़ाई गई है।
नईम का यह भी आरोप है कि चांदी के नाम पर दिए गए कुछ आभूषणों की जांच में उन्हें एल्युमिनियम का बताया गया। इसके बाद उन्होंने दुकानदार से संपर्क कर ज्वेलरी बदलने और उसके स्थान पर वास्तविक सोने और चांदी के आभूषण देने की मांग की।
लंबे समय से दुकान से खरीद रहे थे आभूषण
ग्राहक जैनब ने बताया कि वह लंबे समय से मां भगवती ज्वेलर्स से आभूषण खरीदती रही हैं। उनके अनुसार, उन्होंने दुकान से कई जोड़ी पाजेब, पंजाबी बालियां, कुंडल समेत अन्य आभूषण बनवाए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने कई रिश्तेदारों को भी इसी दुकान से ज्वेलरी खरीदने की सलाह दी थी।
जैनब का कहना है कि इससे पहले भी ज्वेलरी को लेकर शिकायत सामने आई थी। उस समय दुकानदार की ओर से सामान बदलकर दिया गया था। हाल ही में वह कुंडल बदलवाने के लिए मोती महल पहुंचीं। वहां कथित जांच के दौरान उन्हें बताया गया कि कुंडल सोने के नहीं बल्कि तांबे के हैं।
ज्वेलरी बदलने की मांग को लेकर हुआ विवाद
आरोप सामने आने के बाद ग्राहकों ने दुकानदार से अपनी ज्वेलरी बदलकर वास्तविक सोने और चांदी के आभूषण देने की मांग की। ग्राहकों का कहना है कि उन्हें सामान बदलने के लिए सुबह 11 बजे का समय दिया गया है।
इसी बात को लेकर सोमवार को दुकान पर ग्राहकों और दुकानदार पक्ष के बीच काफी देर तक कहासुनी और हंगामा हुआ। आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामला बढ़ता देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
दुकानदार के बहनोई ने रखा पक्ष
दुकान पर मौजूद दुकानदार के बहनोई देशम वर्मा ने भी पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे उनके ऊपर नहीं बल्कि दुकान संचालक पर लगाए गए हैं। उनके अनुसार, वह दुकान पर केवल सामान दिखाने के लिए आए थे। दुकानदार घर पर हैं और उनकी तबीयत खराब है।
देशम वर्मा ने बताया कि उनके सामने भी सोने की ज्वेलरी को तांबे की बताए जाने का मामला सामने आया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आभूषणों में वास्तविक धातु क्या है और ग्राहकों के आरोप कितने सही हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
विशेषज्ञ जांच के बाद साफ होगी आभूषणों की असलियत
ग्राहकों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल आभूषणों में इस्तेमाल की गई धातु को लेकर है। ग्राहकों का दावा है कि जिन आभूषणों को सोना और चांदी बताकर दिया गया, उनमें दूसरी धातुओं का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
आभूषणों की वास्तविक गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल धातु की स्थिति विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसके साथ ही खरीद से संबंधित बिल, ज्वेलरी के दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
तहरीर मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई
सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से मामले में लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद आरोपों की जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला ग्राहकों द्वारा लगाए गए आरोपों और दुकानदार पक्ष के जवाब के बीच है। पुलिस जांच और आभूषणों की विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्राहकों के आरोप सही हैं या नहीं। पुलिस ने दोनों पक्षों से मामले को लेकर आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है।

