रोहन राठी हत्याकांड फिर गरमाया: मौजूदा खुलासे से असंतुष्ट RLD ने SSP से कहा- ‘दूध का दूध, पानी का पानी हो’

रोहन राठी हत्याकांड फिर गरमाया: मौजूदा खुलासे से असंतुष्ट RLD ने SSP से कहा- ‘दूध का दूध, पानी का पानी हो’

मुजफ्फरनगर। पुरकाजी क्षेत्र के गांव हरेटी निवासी ग्राम प्रधान विवेक राठी के इकलौते पुत्र रोहन राठी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस के खुलासे के बावजूद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों की असंतुष्टि के बीच राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस के सामने साफ कहा कि मौजूदा खुलासे से परिवार संतुष्ट नहीं है और उसे आशंका है कि हत्या की वारदात में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है।

रालोद नेताओं ने एसएसपी से मांग की कि जांच को किसी एक निष्कर्ष तक सीमित न रखा जाए। घटना से पहले रोहन की गतिविधियों, उसके संपर्क में रहे लोगों, जन्मदिन पार्टी में मौजूद लोगों, उसके घर से निकलने के बाद के रास्ते और घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी कड़ी की जांच की जाए। नेताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि परिवार के मन में उठ रहे प्रत्येक सवाल का जवाब मिल सके और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

प्रतिनिधिमंडल में रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर, राष्ट्रीय महासचिव किसान प्रकोष्ठ एवं चेयरमैन कृष्णपाल राठी, प्रदेश महासचिव रामनिवास पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, प्रदेश महासचिव उमा दत्त शर्मा, पूर्व युवा जिलाध्यक्ष विदित मलिक, पंकज पाल, धर्मेंद्र राठी, गोल्डी राठी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश त्यागी समेत कई नेता शामिल रहे।

इकलौते बेटे की हत्या से परिवार में छाया मातम

गांव हरेटी निवासी ग्राम प्रधान विवेक राठी का इकलौता पुत्र रोहन राठी एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र था। 24 सितंबर को उसका शव गांव के पास खेत की नाली में मिला था। बताया गया कि घटना से पहले रोहन अपने दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गया था। अगले दिन उसका शव मिलने की जानकारी से गांव और आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।

पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। 25 सितंबर को पुलिस ने नाजिम और शावेज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करते हुए हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों की कार से रोहन की बाइक की टक्कर हुई थी। इसके बाद रोहन द्वारा उन्हें पहचान लिए जाने की आशंका में उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगने की भी जानकारी दी गई थी।

हालांकि, पुलिस के इस खुलासे के बाद ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। परिवार का कहना था कि घटना से जुड़े कई पहलू अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं और पुलिस की बताई कहानी से उनकी शंकाओं का समाधान नहीं हो रहा है।

पुलिस के खुलासे पर परिवार ने उठाए सवाल

परिवार और ग्रामीणों का मुख्य सवाल यह है कि क्या रोहन की हत्या वास्तव में सड़क पर हुई टक्कर और आरोपियों द्वारा पहचान लिए जाने की आशंका के कारण हुई थी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी था। परिजनों ने रोहन के घर से निकलने के बाद की गतिविधियों की विस्तृत जांच की मांग की है।

परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, रोहन के मोबाइल फोन की कॉल और अन्य गतिविधियों की जांच की जाए तथा जन्मदिन पार्टी में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की जाए। इसके अलावा घटना से पहले और बाद में रोहन के संपर्क में रहे लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।

पुलिस की ओर से पहले भी कहा गया था कि मामले की जांच बंद नहीं हुई है और सीसीटीवी फुटेज समेत विभिन्न बिंदुओं पर जांच जारी है।

छह सदस्यीय एसआईटी कर रही मामले की जांच

परिजनों और ग्रामीणों की असंतुष्टि को देखते हुए एसएसपी ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया था। एसआईटी का नेतृत्व एसपी सिटी को सौंपा गया है। टीम में सीओ सदर, एसओजी प्रभारी तथा छपार और पुरकाजी थाना प्रभारियों समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।

एसआईटी को उन सभी बिंदुओं की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिनको लेकर परिवार और ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य आपराधिक कारण तो नहीं था। इसके अलावा रोहन के घर से निकलने से लेकर घटनास्थल तक की गतिविधियों, रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों, जन्मदिन पार्टी में मौजूद लोगों और रोहन की मोबाइल बातचीत से जुड़े तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

रालोद ने कहा, किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए

एसएसपी से मुलाकात के दौरान रालोद नेताओं ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है। परिवार ने अपना इकलौता बेटा खोया है, ऐसे में जांच में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। नेताओं ने कहा कि यदि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी ही पूरी वारदात के लिए जिम्मेदार हैं तो जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होना चाहिए।

वहीं, यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। रालोद नेताओं ने कहा कि जांच ऐसी होनी चाहिए जिससे परिवार को यह भरोसा हो सके कि मामले को जल्दबाजी में बंद नहीं किया जा रहा है और हर संभावित पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

पहले भी उठी सीबीआई जांच की मांग

रोहन हत्याकांड को लेकर इससे पहले भी जनप्रतिनिधियों, किसान नेताओं और ग्रामीणों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग उठती रही है। सितंबर में हुई बैठक में रालोद जिलाध्यक्ष की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी रखी गई थी।

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परिवार और ग्रामीणों ने वास्तविक घटना सामने लाने की मांग की थी। मामले को लेकर पुरकाजी क्षेत्र में विरोध भी देखने को मिला। हत्याकांड के सही खुलासे की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाली तख्तियां लेकर पुलिस से घटना का पूरा सच सामने लाने की मांग की थी।

किसान संगठनों ने भी परिवार को दिया समर्थन

रोहन हत्याकांड को लेकर किसान संगठनों की सक्रियता भी बनी हुई है। चार अक्टूबर को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गांव हरेटी पहुंचकर रोहन के परिवार से मुलाकात की थी। परिवार ने उनके सामने भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दोनों आरोपियों से असंतोष जताते हुए निष्पक्ष जांच और सही खुलासे की मांग रखी थी।

राकेश टिकैत ने परिवार को न्याय मिलने तक साथ खड़े रहने का भरोसा दिया था। इसके बाद पांच अक्टूबर को ऑल इंडिया राठी खाप के अध्यक्ष चौधरी कृष्णदेव राठी भी हरेटी पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए सही खुलासे की मांग की थी। साथ ही कहा था कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो सर्वसमाज को साथ लेकर बड़ी पंचायत की जाएगी।

एसएसपी ने दो दिन में अधूरे बिंदुओं की जांच का दिया भरोसा

रालोद प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो बिंदु अभी अधूरे हैं, उन्हें गंभीरता से देखा जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर अधूरे बिंदुओं की जांच पूरी कर मामले की तस्वीर को और स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।

एसएसपी के इस आश्वासन के बाद अब परिवार, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों की नजर एसआईटी की जांच पर टिक गई है। सभी की निगाह इस बात पर है कि जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या पुलिस के पहले खुलासे से अलग कोई अन्य पहलू भी सामने आता है।

रोहन राठी हत्याकांड को लेकर लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती परिवार और ग्रामीणों की शंकाओं का साक्ष्यों के आधार पर समाधान करने की है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रोहन की हत्या की वास्तविक वजह क्या थी और वारदात में कितने लोग शामिल थे।

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