मुजफ्फरनगर। जनपद में वायु प्रदूषण फैलाने वाली अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद गठित संयुक्त समिति की आख्या के आधार पर नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने सूजड़ू क्षेत्र में औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बिना आवश्यक अनुमति के संचालित सात औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया गया और विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर ही उनके बिजली कनेक्शन काट दिए।

प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना अनुमति औद्योगिक गतिविधियां संचालित करने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध रूप से संचालित इकाइयों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

बिना एनओसी चल रही थीं सात औद्योगिक इकाइयां
संयुक्त टीम ने सूजड़ू क्षेत्र में जांच के दौरान पाया कि सात स्लैग क्रशिंग और वेस्ट स्क्रैप मेल्टिंग इकाइयां उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त किए बिना संचालित की जा रही थीं।
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर जांच के बाद सभी सात इकाइयों के मुख्य द्वार सील कर दिए। इसके साथ ही विद्युत विभाग की मौजूदगी में इनके विद्युत कनेक्शन भी काट दिए गए। बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक रसीद भी जारी की गई।
इन सात इकाइयों पर हुई कार्रवाई
जांच के दौरान जिन औद्योगिक इकाइयों को सील किया गया, उनमें मैसर्स कामरान एंटरप्राइजेज रैनबो रोड, मैसर्स इस्लाम डस्ट आयरन, मैसर्स शेखजी एंटरप्राइजेज, मैसर्स इस्लाम अहमद, मैसर्स एआर ट्रेडर्स, मैसर्स मौ. शाहिब और मैसर्स इण्डिया ट्रेडर्स शामिल हैं।
प्रशासनिक टीम की कार्रवाई के बाद इन इकाइयों का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया है।
पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर सख्त संदेश
मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गितेश चंद्रा ने बताया कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए बिना जरूरी अनुमति के औद्योगिक इकाइयों का संचालन किया जा रहा था। इसी के चलते संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि केवल फैक्ट्रियों को सील करने और उनके विद्युत कनेक्शन काटने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्र में प्रदूषण की लगातार मॉनिटरिंग भी बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सील की गई इकाइयां दोबारा अवैध रूप से संचालन शुरू न कर सकें।
प्रशासन की सख्ती से अवैध औद्योगिक गतिविधियों पर लगेगा अंकुश
प्रशासन की इस कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूजड़ू क्षेत्र में लंबे समय से प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों को लेकर शिकायतें और निगरानी का विषय रहा है। ऐसे में सात इकाइयों पर एक साथ कार्रवाई किए जाने से अवैध रूप से उद्योग संचालित करने वालों के बीच सख्त संदेश गया है।
अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों और आवश्यक स्वीकृतियों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में पूरी हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता राजा गुप्ता, जिला उद्योग केंद्र के कनिष्ठ सहायक गौरव कुमार तथा विद्युत विभाग के अवर अभियंता चंद्रशेखर मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा के निर्देशों के क्रम में अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा। क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखने के साथ साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सील की गई इकाइयों में किसी भी तरह से दोबारा उत्पादन या औद्योगिक गतिविधि शुरू न हो।

