बुढ़ाना में बंद मकान में करोड़ों की चोरी का सनसनीखेज खुलासा, मुठभेड़ में दो सगे भाई गिरफ्तार; 745 ग्राम सोना और 2.24 किलो चांदी बरामद

बुढ़ाना में बंद मकान में करोड़ों की चोरी का सनसनीखेज खुलासा, मुठभेड़ में दो सगे भाई गिरफ्तार; 745 ग्राम सोना और 2.24 किलो चांदी बरामद

मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कस्बे में सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक के बंद मकान से करोड़ों रुपये कीमत के सोने चांदी के आभूषण चोरी होने की वारदात का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। थाना बुढ़ाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि आरोपियों की फायरिंग में एक उपनिरीक्षक भी घायल हुए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए 745 ग्राम सोने और 2 किलो 240 ग्राम चांदी के आभूषणों की शत प्रतिशत बरामदगी का दावा किया है।

पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे करीब 200 निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

दिन में फेरी और रात में बंद मकानों की रेकी

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों भाई दिन के समय फेरी लगाने के बहाने अलग अलग इलाकों में घूमते थे। इसी दौरान उनकी नजर ऐसे मकानों पर रहती थी, जिनके लंबे समय से बंद रहने की संभावना होती थी। किसी मकान के कई दिनों तक बंद रहने की पुष्टि होने के बाद उसकी लगातार रेकी की जाती थी और मौका मिलने पर रात में चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी शहजाद ने सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक देशपाल सिंह के मकान की चोरी से पहले करीब दस बार रेकी की थी। जब दोनों भाइयों को मकान के लंबे समय से बंद होने का भरोसा हो गया तो उन्होंने चोरी की योजना को अंतिम रूप दिया। रात में दोनों ने लोहे के सब्बल की मदद से मकान का ताला तोड़ा और अंदर रखे सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिए।

चोरी का माल खेत में दबाकर समझा पुलिस से बच जाएंगे

वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरात को मंदवाड़ा मार्ग स्थित एक खेत में ले जाकर जमीन में दबा दिया। पुलिस के अनुसार दोनों भाइयों ने करीब आधा फुट गहरा गड्ढा खोदकर जेवरात उसमें छिपाए थे। उन्हें उम्मीद थी कि जमीन के नीचे माल छिपा देने से पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी।

हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपनी जांच जारी रखी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंच गई। पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान चोरी के माल को बरामद कर लिया गया।

मंदवाड़ा मार्ग पर पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी

पुलिस के अनुसार 31 अगस्त की रात प्रभारी निरीक्षक बुढ़ाना सुभाष अत्री के नेतृत्व में थाना बुढ़ाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम मंदवाड़ा मार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए।

पुलिस ने दोनों को रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कुछ दूरी पर उनकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गए। पुलिस ने खेत की घेराबंदी कर दोनों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।

पुलिस का आरोप है कि चेतावनी के बावजूद दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की।

बदमाशों की गोली से उपनिरीक्षक घायल, जवाबी कार्रवाई में शहजाद को लगी गोली

फायरिंग के दौरान उपनिरीक्षक सूर्यप्रताप सिंह घायल हो गए। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी शहजाद पुत्र रहीश निवासी खालापार, थाना खालापार, हाल पता कस्बा एवं थाना खतौली गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

वहीं उसका भाई शाहनवाज पुत्र रहीश निवासी खालापार, थाना खालापार, हाल पता कस्बा एवं थाना बुढ़ाना खेतों में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी शहजाद और घायल पुलिसकर्मी सूर्यप्रताप सिंह को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

745 ग्राम सोना और 2 किलो 240 ग्राम चांदी बरामद

पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए जेवरात बरामद किए। बरामदगी में 745 ग्राम सोने के आभूषण और 2 किलो 240 ग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सोने के जेवरात में कंगन, कड़े, हार, चेन, लॉकेट, अंगूठियां, ब्रेसलेट, माथे के टीके और कानों के आभूषण शामिल हैं।

चांदी के सामान में सिक्के, पाजेब, कमरबंद, हाथफूल, कड़े, खड़वे, बिछुए, चेन और अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने चोरी के आभूषणों की शत प्रतिशत बरामदगी का दावा किया है।

अवैध हथियार और चोरी में इस्तेमाल बाइक भी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की अवैध पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा 315 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है।

वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। पुलिस अब बरामद हथियारों और वाहन के संबंध में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।

शहजाद पर 28 मुकदमे, कई जिलों में दर्ज हैं मामले

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शहजाद का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर के अलावा मेरठ, बिजनौर और सहारनपुर के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसी गंभीर धाराओं में कुल 28 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

वहीं दूसरे आरोपी शाहनवाज के खिलाफ वर्तमान घटना से संबंधित दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। मुठभेड़ और अवैध हथियारों की बरामदगी के संबंध में थाना बुढ़ाना में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों भाइयों ने इससे पहले कितने बंद मकानों को निशाना बनाया और चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी क्या भूमिका रही है।

पुलिस टीम की मेहनत से खुला बड़ा मामला

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बड़ी चोरी का सफल खुलासा करने और चोरी किए गए आभूषणों की शत प्रतिशत बरामदगी करने वाली पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

पूरी कार्रवाई एसएसपी संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह और प्रभारी निरीक्षक बुढ़ाना सुभाष अत्री के नेतृत्व में की गई।

कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री, प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित सिंह, एसओजी प्रथम की टीम, प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित चौधरी, एसओजी ग्रामीण की टीम, उपनिरीक्षक ललित कसाना, उपनिरीक्षक आशीष चौधरी, तेजवीर सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, उपनिरीक्षक भूपेंद्र तथा मुख्य आरक्षी अमित तेवतिया, अमरदीप सिरोही, हरिशपाल, सुनील कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, संजय कुमार, निर्वेश कुमार, नकुल सांगवान, जितेंद्र त्यागी, मुख्य आरक्षी विकास सिरोही और निगरानी प्रकोष्ठ के आरक्षी कुशलपाल सिंह समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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