मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव चांदपुर में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर घर में रखे तीन लाख रुपये नकद और करीब पांच लाख रुपये कीमत के जेवरात लेकर मायके चले जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा पत्नी पर मारपीट करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि विवाद के दौरान हुई घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो उसके पास मौजूद हैं। पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता मांगेराम पुत्र गोपाल सिंह के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2011 में हुई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे थे। उसका आरोप है कि समय के साथ पारिवारिक विवाद बढ़ता गया और कई बार पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। हालिया शिकायत में उसने नकदी और जेवरात ले जाने के साथ मारपीट तथा धमकी देने की घटनाओं का उल्लेख किया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

वर्ष 2011 में हुई थी शादी, एक बेटी भी है
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, गांव चांदपुर निवासी मांगेराम की शादी 6 मई 2011 को पिंकी पुत्री राजबल निवासी शाहडब्बर, थाना शाहपुर, जिला मुजफ्फरनगर के साथ हुई थी। दंपती की एक बेटी अगम है, जिसकी उम्र करीब 14 वर्ष बताई गई है।
मांगेराम का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया था। धीरे-धीरे विवाद बढ़ने लगा और कई बार पुलिस को बुलाने की नौबत आई। शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में पूर्व में हुई शिकायतों और उनके संबंध में की गई जांच का भी उल्लेख किया है।
उसका दावा है कि पारिवारिक विवाद लंबे समय से चल रहा है और इसी कारण उसे मानसिक तथा शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, पूर्व की शिकायतों और उनमें लगाए गए आरोपों के संबंध में सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
तीन लाख रुपये और पांच लाख के जेवर ले जाने का आरोप
मांगेराम ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 अक्टूबर 2026 को उसकी पत्नी घर में रखे तीन लाख रुपये नकद और करीब पांच लाख रुपये कीमत के जेवरात लेकर मायके चली गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, नकदी और जेवरात घर में रखे हुए थे।
उसका कहना है कि 11 अक्टूबर को पत्नी अपने पिता के साथ दोबारा घर पहुंची। इस दौरान विवाद होने पर पुलिस को बुलाया गया। शिकायत के अनुसार, पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां समझौता कराने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।
मांगेराम का आरोप है कि समझौते के बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ और अगले दिन फिर से कहासुनी तथा मारपीट की घटना हुई। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और नकदी व जेवरात से संबंधित आरोपों की जांच करेगी।
12 अक्टूबर को मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2026 को उसकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट की। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान गाली-गलौज की गई और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मांगेराम का कहना है कि विवाद के दौरान उसके पिता गोपाल सिंह ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। उसने दावा किया कि घटना के समय आसपास के लोग भी मौजूद थे और विवाद के दृश्य सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुए हैं। इसके अलावा, उसके पास मोबाइल से बनाई गई वीडियो भी होने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से इन साक्ष्यों की जांच कराने और मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो की सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इनकी वास्तविकता और घटना से संबंधित होने की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बेटी को साथ लेकर जाने और डायल 112 पर कॉल करने का भी जिक्र
मांगेराम ने अपनी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसकी पत्नी बेटी को साथ लेकर वहां से चली गई थी। शिकायत के अनुसार, 12 अक्टूबर की शाम को पत्नी दोबारा घर पहुंची, लेकिन वहां ताला लगा मिलने पर उसने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी पत्नी को समझाने के बाद वहां से वापस जाने के लिए कहा। इस घटनाक्रम को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच क्या परिस्थितियां बनीं, यह जांच का विषय है।
मामले में नाबालिग बेटी का जिक्र होने के कारण पारिवारिक विवाद के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी में इस घटनाक्रम के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है।
पत्नी के मायके पक्ष के सदस्यों पर भी लगाए आरोप
मांगेराम ने अपनी शिकायत में पत्नी के पिता राजबल और भाइयों मनोज, सुधीर तथा दर्शन के नाम का भी उल्लेख किया है। उसने दावा किया है कि उसके ससुराल पक्ष के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 से संबंधित एक मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
हालांकि, इस मुकदमे की वर्तमान स्थिति और उसमें संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती है। इसलिए इस संबंध में शिकायतकर्ता के दावे को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मांगेराम ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उसने पूर्व में महिला थाने में शिकायत दिए जाने का भी उल्लेख किया है। उसका कहना है कि लगातार चल रहे विवाद के कारण उसे अपनी सुरक्षा की चिंता है।
नई मंडी पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
मांगेराम की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को थाना नई मंडी में तहरीर दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। साथ ही नकदी और जेवरात से जुड़े आरोपों तथा पूर्व में हुए विवादों के संबंध में भी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।
फिलहाल मामले में सामने आई जानकारी शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। दूसरे पक्ष का बयान और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

