मुजफ्फरनगर। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के मिमलाना रोड निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस पर और उसके परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसकी पत्नी दोनों बेटियों को अपने साथ ले गई और घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा करीब 15 हजार रुपये की नकदी भी ले गई।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता रवींद्र कुमार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे कई लोगों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ अपनी दोनों बेटियों को बरामद कराने और कथित रूप से ले जाए गए जेवरात व नकदी के संबंध में कार्रवाई की मांग की है।

वर्ष 2017 में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी शादी
रवींद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका विवाह वर्ष 2017 में गोल्डी नाम की महिला के साथ हुआ था। उनके अनुसार, 8 दिसंबर 2017 को दोनों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि शादी के शुरुआती समय में पारिवारिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में पत्नी के मायके पक्ष के कुछ लोगों की ओर से कथित रूप से उन पर और उनके परिवार के सदस्यों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाने लगा।
रवींद्र कुमार का दावा है कि पत्नी के मायके पक्ष से जुड़े कुछ लोग पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं और इसी के चलते उन पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था। हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
धर्म परिवर्तन से इनकार पर धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने ईसाई धर्म अपनाने से साफ इनकार कर दिया तो उन्हें कथित रूप से दहेज के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
रवींद्र कुमार का कहना है कि लगातार मिल रही कथित धमकियों और दबाव के कारण वह परेशान रहे। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।
दोनों बेटियों को साथ ले जाने और जेवरात-नकदी ले जाने का दावा
रवींद्र कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बीती 16 जुलाई को उनकी पत्नी गोल्डी दोनों बेटियों को अपने साथ लेकर घर से चली गई। उनका कहना है कि पत्नी ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घर से जाते समय अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 15 हजार रुपये की नकदी भी साथ ले जाई गई।
रवींद्र कुमार के अनुसार, जब उन्होंने दोनों बेटियों को अपने साथ ले जाने और घर से सामान ले जाने का विरोध किया तो ससुराल पक्ष के लोगों की ओर से उन्हें कथित रूप से बताया गया कि उनकी दोनों बेटियों को भी ईसाई धर्म स्वीकार करा दिया गया है। इस दावे की भी अभी पुलिस जांच के स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।
बेटियों की बरामदगी की मांग
शिकायतकर्ता ने एसएसपी से अपनी दोनों बेटियों को बरामद कराने और उनके संबंध में आवश्यक जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने घर से कथित रूप से ले जाए गए जेवरात और नकदी के मामले में भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
रवींद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने पहले इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से भी शिकायत भेजे जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली।
इसके बाद वह कई लोगों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे और एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। फिलहाल पुलिस के समक्ष दी गई शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

