मुजफ्फरनगर। मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार किए जाने की प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार को सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और ज्ञापन सौंपकर मतदाता पंजीकरण में कथित अनियमितताओं, फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल तथा बिना जानकारी और सहमति के स्नातकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराए जाने के आरोपों की जांच कराने की मांग की।

सपा की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। ज्ञापन जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं मेरठ मंडल के आयुक्त, मुख्य निर्वाचन आयुक्त नई दिल्ली और मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ को संबोधित किया गया है।

मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में 30 सितंबर 2025 को लोक सूचना जारी किए जाने का रिकॉर्ड सरकारी जिला पोर्टल पर भी उपलब्ध है। बाद में इस निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची का आलेख प्रकाशन और अंतिम प्रकाशन भी किया गया।
बड़ी संख्या में फार्म जमा कराने पर उठाए सवाल
सपा नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी निर्वाचन के लिए निर्वाचक नामावलियां तैयार करने की प्रक्रिया के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन जमा कराने की व्यवस्था है। उनका आरोप है कि मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में इन नियमों की कथित अनदेखी करते हुए बड़ी संख्या में मतदाता पंजीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि संस्थाओं के प्रमुख अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के आवेदन अग्रेषित कर सकते हैं, जबकि परिवार के सदस्य भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिवार के अन्य सदस्यों के आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक मूल प्रमाणपत्र अथवा स्वप्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराना जरूरी है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
दिनेश कुमार गोयल के कार्यालय को लेकर लगाए आरोप
ज्ञापन में दिनेश कुमार गोयल के निजी कार्यालय में सरकारी और निजी कर्मचारियों के माध्यम से कथित रूप से मतदाता पंजीकरण का काम कराए जाने का आरोप लगाया गया है। सपा नेताओं ने दावा किया कि इस संबंध में एक वीडियो पेन ड्राइव के माध्यम से अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वीडियो में बड़ी संख्या में मतदाता बनाए जाने और करीब एक लाख वोट तैयार कराने से संबंधित दावे किए जाने की बात सामने आती है। सपा ने वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई गई गतिविधियों और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिनेश कुमार गोयल या संबंधित अन्य पक्षों का इस शिकायत पर पक्ष इस ज्ञापन में उपलब्ध नहीं है।
गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में हजारों फार्म जमा कराने का दावा
ज्ञापन में गाजियाबाद सहित अन्य जनपदों में भी बड़ी संख्या में फार्म-18 जमा कराए जाने के कथित दावों का उल्लेख किया गया है। सपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो और वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि विभिन्न स्थानों पर हजारों आवेदन जमा कराने की गतिविधियां सामने आई हैं।
शिकायत में भाजपा से जुड़े संभावित प्रत्याशियों विपिन गुप्ता और विशाल अग्रवाल का भी उल्लेख किया गया है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर सरकारी कार्यालयों में स्वयं अथवा प्रतिनिधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के आवेदन जमा कराने संबंधी फोटो और वीडियो प्रसारित किए गए। हालांकि इन सामग्रियों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बिना सहमति दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप
सपा ने शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों से स्नातक कर चुके लोगों के दस्तावेज उनकी जानकारी और सहमति के बिना इस्तेमाल किए जाने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ संस्थानों से छात्रों के आधार कार्ड, फोटो और स्नातक अंतिम वर्ष की अंकतालिकाएं कथित तौर पर प्राप्त कर उनका इस्तेमाल फार्म-18 के साथ किया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गैर-स्नातक लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए कथित रूप से फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सपा नेताओं ने दस्तावेजों की जांच, डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल और आवेदन पत्रों के सत्यापन की मांग की है।
पेन ड्राइव और फोटो के साथ अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
सपा प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत के साथ वीडियो वाली पेन ड्राइव, फोटो और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री का विवरण भी अधिकारियों को उपलब्ध कराया। नेताओं ने मांग की कि उपलब्ध सामग्री की तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि मतदाता पंजीकरण निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
सपा नेताओं का कहना है कि यदि जांच में दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, बिना सहमति दस्तावेजों का इस्तेमाल या निर्वाचन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की मांग
ज्ञापन में मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, निजी कर्मचारियों अथवा सरकारी कर्मचारियों की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
सपा नेताओं ने कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, बिना सहमति दस्तावेजों का इस्तेमाल करने और निर्वाचन प्रक्रिया के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
दोपहर 12 बजे डीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
सपा का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे जिलाधिकारी से मिला और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष जिया चौधरी, प्रदेश सचिव चौधरी राम सिंह, जिला महासचिव सोमपाल कोरी, जिला उपाध्यक्ष पवन बंसल, गोल्डी अहलावत, जिला सचिव पवन पाल, महिला सभा जिला अध्यक्ष पूजा अंबेडकर, अंबेडकर वाहिनी जिला अध्यक्ष लोकेंद्र कुमार, सलीम मलिक और शमशेर मलिक सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को किया गया था। ऐसे में सपा की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन से ही यह स्पष्ट होगा कि मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।

