मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छपार थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने टिंकू मावा भट्टी पर छापेमारी कर करीब 10 कुंतल मावा नष्ट कराया। अधिकारियों के अनुसार नष्ट किए गए मावे की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये है।

मंगलवार 25 अगस्त 2026 की रात करीब 1:30 बजे हुई इस कार्रवाई के दौरान टीम को मावा तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जा रही कई संदिग्ध सामग्रियां मिलीं। इसके अलावा परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया तैयार मावा मानव उपभोग के योग्य नहीं पाया गया।

10 कुंतल मावा मौके पर ही कराया नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए करीब 1000 किलोग्राम मावे को मौके पर ही नष्ट करा दिया। विभाग के अनुसार नष्ट किए गए मावे की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है।
अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान बड़ी मात्रा में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर बाजार में संदिग्ध खाद्य सामग्री खपाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में विभाग की ओर से लगातार छापेमारी और नमूना संग्रह की कार्रवाई की जा रही है।
मावे समेत 10 विधिक नमूने लिए गए
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के लिए कुल 10 विधिक नमूने भी संग्रहित किए। इनमें मावे के तीन अलग-अलग नमूने शामिल हैं।
इसके अलावा टीम ने मावा बनाने में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों के नमूने भी लिए। इनमें सेलखड़ी, वनस्पति, एसएमपी, ईसबगोल, हाइड्रो, रसोई गोल्ड वनस्पति और इंटरस्ट्रेटिफाइड वेजिटेबल फैट के नमूने शामिल हैं।
सभी नमूनों को नियमानुसार सील कर सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
867 किलो संदिग्ध सामग्री भी जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम को मावा तैयार करने के लिए रखी गई बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री भी मिली। विभाग ने कुल 867 किलोग्राम सामग्री जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2,47,678 रुपये बताई गई है।
जब्त सामग्री में 648 किलोग्राम एसएमपी, 176 किलोग्राम वनस्पति और 43 किलोग्राम इंटरस्ट्रेटिफाइड फैट शामिल है। विभाग के अनुसार जब्त सामग्री को नियमानुसार संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
बिना लाइसेंस चल रहा था खाद्य कारोबार
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। अधिकारियों के अनुसार टिंकू मावा भट्टी पर बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार संचालित किया जा रहा था।
बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार किए जाने पर विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। विभाग की ओर से संबंधित थाने में कानून की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही टिंकू मावा भट्टी पर खाद्य कारोबार का संचालन बंद करा दिया गया।
अधिकारियों की अगुवाई में हुई देर रात की कार्रवाई
छपार क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के आदेश तथा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर के निर्देशों के क्रम में अंजाम दिया गया।
कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय अर्चना धीरान और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान ने किया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, वैभव शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विशाल चौधरी, नेहा चौधरी और पूनम चौधरी शामिल रहे।
त्योहारों से पहले मिलावटखोरों में हड़कंप
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान मावा, दूध, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
अब छापेमारी के दौरान लिए गए सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में यदि खाद्य सामग्री मानकों के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

