मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र से जुड़े इस मामले की विवेचना के दौरान एक और आरोपी का नाम सामने आया है। पुलिस ने मिमलाना निवासी नदीम पुत्र फिरदौस को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस का शिकंजा और कस गया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में पहले मुख्य आरोपी नाजिम और दूसरे आरोपी मौ. आदिल को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य आरोपी नाजिम की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई थी। अब विवेचना में नदीम की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

घर से लापता हुई थी नाबालिग किशोरी
पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। महिला की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 360/2026 दर्ज किया गया था। शुरुआती तौर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की गई।
किशोरी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी। पुलिस टीमों के प्रयासों के बाद 21 अगस्त को किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।
किशोरी के बयान से खुला सामूहिक दुष्कर्म का मामला
किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, मजिस्ट्रेट और पुलिस के समक्ष दिए गए बयान में किशोरी ने नाजिम, मौ. आदिल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
बयान सामने आने के बाद पुलिस ने पहले दर्ज मुकदमे में गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 70(1) के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 और 5जी/6 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) जोड़ी गईं।
मुख्य आरोपी नाजिम मुठभेड़ में हुआ था घायल
मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। 22 अगस्त को पुलिस ने मुख्य आरोपी नाजिम पुत्र यामीन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें नाजिम घायल हो गया था। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
इसी दिन पुलिस ने मामले में वांछित दूसरे आरोपी मौ. आदिल पुत्र मौ. इकबाल को भी गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने विवेचना को आगे बढ़ाते हुए घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।
विवेचना में नदीम का नाम आया सामने
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मिमलाना निवासी नदीम पुत्र फिरदौस की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नदीम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। विवेचना के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साक्ष्य मिटाने के आरोप में कामरान भी गिरफ्तार
इस मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में पुलिस ने कामरान नाम के व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उस पर क्लीनिक से फ्लेक्सी बोर्ड और अन्य साक्ष्य हटाने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों को छिपाने या मिटाने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्लीनिक और संबंधित संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई
एएसपी एवं सीओ नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा ने मामले को लेकर बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नदीम की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी समेत पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एएसपी के अनुसार, डॉक्टर के क्लीनिक और संबंधित संस्थानों पर प्रशासनिक स्तर पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। जांच एजेंसियां घटना की पूरी कड़ी जोड़ने और इसमें शामिल सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी हैं।

