मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रुड़की रोड स्थित डिवाइन हॉस्पिटल में मंगलवार शाम 14 वर्षीय बच्चे के उपचार को लेकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। बच्चे को 12 सितंबर को हाई ब्लड शुगर की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसकी किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने की जानकारी सामने आने पर परिजनों ने चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इलाज में लापरवाही, अधिक रकम लेने और दवाओं की अधिक मात्रा देने के आरोप लगाए।

मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिवाइन हॉस्पिटल पहुंचकर बच्चे के उपचार से संबंधित अभिलेखों की जांच की। टीम ने भर्ती होने से लेकर अब तक की जांच रिपोर्ट, दवाओं और उपचार से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल के रिकॉर्ड में कोई ऐसी स्पष्ट अनियमितता नहीं मिली, जिससे चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप प्रमाणित हो सकें।

हाई ब्लड शुगर के चलते कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार बच्चे को हाई ब्लड शुगर की समस्या के चलते 12 सितंबर को डिवाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के सीयू-4 वार्ड के बेड नंबर चार पर उसका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान बच्चे की किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिजनों ने उपचार को लेकर चिकित्सकों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए।
मंगलवार शाम परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे को बड़ी मात्रा में दवाएं दी जा रही हैं और इलाज के नाम पर उनसे अधिक रकम ली जा रही है। इसी बात को लेकर अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। परिजनों के साथ एआईएमआईएम नगर अध्यक्ष खालिद मलिक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी बच्चे के उपचार को लेकर चिकित्सकों से जानकारी मांगी और मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से कराने की बात कही।
सीएमओ कार्यालय में शिकायत के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
हंगामे के बाद परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम डिवाइन हॉस्पिटल पहुंची। टीम ने बच्चे के भर्ती होने से लेकर अब तक हुए उपचार, जांच रिपोर्ट, दवाओं और अन्य चिकित्सकीय अभिलेखों की जांच की। अस्पताल प्रबंधन से उपचार से संबंधित दस्तावेज भी लिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के अनुसार बच्चे को गंभीर रूप से बढ़ी हुई शुगर की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद उसकी शुगर में कुछ नियंत्रण आया है, लेकिन किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है। टीम के मुताबिक अत्यधिक बढ़ी हुई शुगर की स्थिति में किडनी समेत शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग भी प्रभावित हो सकते हैं।
जांच के दौरान बच्चे की किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने की बात तो सामने आई, लेकिन इसे चिकित्सकीय लापरवाही से जोड़ने वाला कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल के उपचार संबंधी अभिलेख और अन्य दस्तावेज सही पाए गए तथा जांच में ऐसी कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई, जिससे परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप प्रमाणित हो सकें।
बच्चे का उपचार अभी जारी
स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद फिलहाल बच्चे का उपचार अस्पताल में जारी है। अधिकारियों के अनुसार बच्चे की स्थिति और उपचार से जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। जांच में लापरवाही प्रमाणित नहीं होने के बावजूद बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिकित्सकीय उपचार जारी है।
महिला की मौत को लेकर भी हुआ था विवाद
इसी डिवाइन हॉस्पिटल में इससे पहले शाहपुर क्षेत्र निवासी हमीदा की मौत को लेकर भी विवाद सामने आया था। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए थे। परिजनों का दावा था कि बाद में अस्पताल स्टाफ ने मामला संभालते हुए महिला का शव उन्हें सौंप दिया।
हालांकि हमीदा की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले में किसी आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में दोनों मामलों को अलग-अलग रखते हुए बच्चे के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच के निष्कर्ष को ही आधार माना जा रहा है।

