मां की सेहत के लिए 551 लीटर गंगाजल की कांवड़, 35 हजार की विशेष ट्रॉली पर लेकर चल रहे शिवभक्त बलराज

मां की सेहत के लिए 551 लीटर गंगाजल की कांवड़, 35 हजार की विशेष ट्रॉली पर लेकर चल रहे शिवभक्त बलराज

मुज़फ्फरनगर। कांवड़ यात्रा-2026 में आस्था, संकल्प और भक्ति के अनूठे स्वरूप लगातार देखने को मिल रहे हैं। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्तों के बीच हरियाणा के सोनीपत निवासी शिवभक्त बलराज भोले अपनी विशेष कांवड़ को लेकर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। करीब 35 हजार रुपये की लागत से तैयार कराई गई विशेष ट्रॉली पर वह 551 लीटर गंगाजल लेकर अपने गांव की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह कांवड़ अपनी बीमार मां के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मनोकामना के साथ उठाई है।

बलराज भोले ने बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाया था और प्रतिदिन लगभग 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनकी कांवड़ में 551 लीटर पवित्र गंगाजल है, जिसे गांव पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद पूरे गांव के लोगों में वितरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उनकी मां लंबे समय से अस्वस्थ रहती हैं। इसी कारण उन्होंने भगवान शिव से उनकी अच्छी सेहत की प्रार्थना करते हुए यह संकल्प लिया था। उनका विश्वास है कि भोलेनाथ की कृपा से उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी। उन्होंने कहा कि जलाभिषेक के बाद बचा हुआ पूरा गंगाजल गांव के लोगों को प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा।

बलराज ने बताया कि यह उनकी दूसरी बड़ी कांवड़ यात्रा है। इससे पहले वह 501 लीटर गंगाजल लेकर आए थे, जबकि इस बार उन्होंने 551 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई है। भविष्य में और भी बड़ी कांवड़ लाने की इच्छा जताते हुए उन्होंने कहा कि आगे सब कुछ भगवान भोलेनाथ की इच्छा और कृपा पर निर्भर करेगा।

उन्होंने बताया कि इस विशेष कांवड़ के लिए अलग से ट्रॉली तैयार कराई गई है, जिस पर लगभग 35 हजार रुपये का खर्च आया है। यात्रा के दौरान उनके साथ सात से आठ साथियों की टीम भी चल रही है, जो पूरी यात्रा में उनका सहयोग कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें कहीं भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं।

इसी कांवड़ यात्रा में पांच वर्षीय मासूम शिवभक्त लाव्या चौहान भी अपनी भक्ति से लोगों का दिल जीत रही हैं। सोनीपत के जाखोली गांव की रहने वाली लाव्या अपने पिता और चाचा के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले हरिद्वार से जल उठाया था और गांव पहुंचकर अपने मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगी।

कांवड़ यात्रा में एक ओर जहां विशाल और आकर्षक कांवड़ें लोगों का ध्यान खींच रही हैं, वहीं दूसरी ओर छोटे-छोटे बच्चों की अटूट आस्था भी हर किसी को भावुक कर रही है। मां की सेहत के लिए 551 लीटर गंगाजल लेकर निकले बलराज और पांच वर्षीय लाव्या जैसे शिवभक्त इस यात्रा में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रेरणादायक संदेश दे रहे हैं।

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