शिव चौक पहुंची विशाल झांकी कांवड़, भोलेनाथ के पीछे प्रहरी बने बजरंगबली ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान

शिव चौक पहुंची विशाल झांकी कांवड़, भोलेनाथ के पीछे प्रहरी बने बजरंगबली ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान

मुज़फ्फरनगर। सावन की पावन कांवड़ यात्रा-2026 में इस बार आस्था के साथ भव्यता और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक से बढ़कर एक अनोखी कांवड़ें श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को नोएडा के हबीबपुर गांव से आई विशाल झांकी कांवड़ जब नगर के ऐतिहासिक शिव चौक पहुंची तो उसे देखने के लिए श्रद्धालुओं और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य स्वरूप से सजी इस झांकी ने हर किसी को कुछ देर रुककर दर्शन करने के लिए मजबूर कर दिया।

इस अनोखी झांकी कांवड़ की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल और आकर्षक स्वरूप है। पूरी झांकी को एक विशेष ट्रॉली पर तैयार किया गया है, जिसे 14 शिवभक्त मिलकर अपने कंधों और हाथों के सहारे खींचते हुए गंतव्य तक ले जा रहे हैं। झांकी के केंद्र में भगवान भोलेनाथ की विशाल काले रंग की प्रतिमा स्थापित की गई है, जबकि उसके ठीक पीछे उससे भी ऊंचे स्वरूप में बजरंगबली हनुमान की भव्य प्रतिमा विराजमान है। यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं हनुमान जी भगवान शिव की दिव्य झांकी के प्रहरी बनकर उसकी रक्षा कर रहे हों।

हबीबपुर गांव निवासी शिवभक्त कृष्ण ने बताया कि उनकी टोली हरिद्वार की हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रही है। उन्होंने बताया कि टीम में कुल 14 सदस्य हैं और सभी पूरी श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति भाव के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।

झांकी पर हुए खर्च के बारे में पूछे जाने पर कृष्ण ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके लिए इस कांवड़ का कोई मूल्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी झांकी भगवान भोलेनाथ को समर्पित है और इसमें कितना खर्च हुआ, इसका उन्होंने कभी हिसाब नहीं रखा। उनके लिए सबसे बड़ा महत्व भगवान शिव की भक्ति और सेवा का है।

उन्होंने बताया कि उनकी टोली प्रतिदिन लगभग 20 से 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा करती है। यात्रा के दौरान जहां-जहां यह विशाल झांकी पहुंचती है, वहां श्रद्धालु रुककर दर्शन करते हैं और फोटो व वीडियो बनाकर इस अनूठी कांवड़ को अपने कैमरों में कैद करते हैं। मुज़फ्फरनगर के शिव चौक पर भी इस भव्य झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग देर तक मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रा-2026 में ऐसी भव्य और रचनात्मक झांकियां यह संदेश दे रही हैं कि शिवभक्त अपनी आस्था को नए-नए स्वरूपों में अभिव्यक्त कर रहे हैं। धार्मिक श्रद्धा, कला और समर्पण का यह अनूठा संगम इस बार मुज़फ्फरनगर से गुजर रही कांवड़ यात्रा को देशभर में विशेष पहचान दिला रहा है।

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