मऊ में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत से बवाल, झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, सड़क पर शव रखकर जाम

मऊ में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत से बवाल, झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, सड़क पर शव रखकर जाम

मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र स्थित नदवा सराय बाजार के पास गुरुवार काे एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। आरोप है कि बिना पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाओं और आवश्यक अनुमति के संचालित अस्पताल में महिला को भर्ती किया गया था, जहां इलाज के दौरान पहले नवजात की मौत हो गई और बाद में महिला ने भी दम तोड़ दिया। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि महिला अपने ग्रामीण डॉक्टर से इलाज करा रही थी । प्रसव को दौरान महिला की तबीयत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टर ने रेफर कर दिया था। रास्ते में ही जच्चा बच्चा की मौत हो गई ।

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया वीरता के ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टर मोहम्मद शाहिद और डॉक्टर यूनुस लोगों का उपचार करते हैं। इन दोनों लोगों ने हॉस्पिटल खोल रखा है । पुलिस और स्वास्थ्य विभाग उसे बिंदु पर जांच कर रही है कि डॉक्टर रजिस्टर्ड था या नहीं । वहीं पीड़ित परिजनों के अनुसार, झोलाछाप डॉक्टर ने महिला के परिवार को भरोसा दिलाया था कि वह बिना ऑपरेशन के सामान्य प्रसव करा देगा। प्रसव के दौरान बच्चे का जन्म तो हुआ, लेकिन नवजात मृत अवस्था में था। इसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आनन-फानन में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही महिला की भी मौत हो गई। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मामले की भनक लगते ही डॉक्टर अपने क्लीनिक का बैनर-पोस्टर हटाकर अस्पताल बंद कर फरार हो गया। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने महिला व नवजात के शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सड़क जाम होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों तथा ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों की मांग है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करें और क्षेत्र में संचालित फर्जी अस्पतालों व झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जाम हटाने को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लगातार वार्ता जारी है।

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