मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव सहावली की रहने वाली एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के पांच अन्य लोगों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और चेहरे पर तेजाब डालकर बिगाड़ने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद ससुराल वालों का व्यवहार बदल गया और उस पर मायके से अतिरिक्त रुपये लाने का दबाव बनाया जाने लगा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और घर से बाहर निकाल दिया गया। विवाहिता ने यह भी आरोप लगाया है कि पति के दूसरी महिला से कथित संबंधों का विरोध करने पर उसे धमकियां दी गईं। मामले में पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर पति समेत छह लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शादी में खर्च किए थे करीब बारह लाख रुपये
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी बारह मई दो हजार बाईस को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी में उसकी मां और रिश्तेदारों ने करीब बारह लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि विवाह के दौरान मोटरसाइकिल, सोने चांदी के आभूषण, बर्तन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी दिया गया था। शादी के बाद विवाहिता अपने ससुराल में रहने लगी।

शिकायत के मुताबिक, बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष के लोगों का व्यवहार बदलने लगा। पीड़िता का आरोप है कि पति अंकित कुमार, ससुर कृष्णपाल, सास शर्मिला और देवर गौरव, रीनू व वंश उसे अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान करने लगे। विवाहिता का कहना है कि उसे लगातार रुपये लाने के लिए दबाव का सामना करना पड़ा और विरोध करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
एक माह की बेटी के साथ घर से निकालने का आरोप
विवाहिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसकी बेटी करीब एक माह की थी, तभी उसके साथ मारपीट की गई और उसे केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के बाद वह परेशान होकर मायके में रहने लगी।
पीड़िता के अनुसार, करीब एक माह बाद उसका पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोग उसे वापस घर ले गए थे। लेकिन वहां पहुंचने के महज बारह से तेरह दिन बाद ही उसके साथ फिर से मारपीट किए जाने का आरोप है। विवाहिता का कहना है कि इस दौरान उस पर अपनी मां से दो लाख रुपये नकद लाकर देने का दबाव बनाया गया। रुपये नहीं लाने पर घर छोड़ने की बात कही गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि लगातार प्रताड़ना और मारपीट के कारण उसके लिए ससुराल में रहना मुश्किल हो गया था। इसके बाद उसने अपने भाई और भाभी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर उसकी मां और भाभी ससुराल पहुंचीं और उसे अपने साथ मायके ले आईं।
पति पर भरण पोषण की रकम नहीं देने का आरोप
विवाहिता ने बताया कि पति और ससुराल पक्ष के लोगों से विवाद के बाद उसने अपने और अपनी बेटी के भरण पोषण के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। पीड़िता के मुताबिक, न्यायालय ने उसके पति को छह हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण के रूप में देने का आदेश दिया था।
हालांकि, विवाहिता ने आरोप लगाया है कि पति इस आदेश का पालन नहीं कर रहा है और उसे निर्धारित रकम नहीं मिल रही है। इसके कारण उसे अपनी बेटी के पालन पोषण और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़िता का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद भरण पोषण की रकम नहीं मिलने से उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उसने इस मामले में भी उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
दूसरी महिला से संबंधों का विरोध करने पर धमकी देने का आरोप
विवाहिता ने अपनी शिकायत में पति के किसी अन्य महिला के साथ कथित संबंध होने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जब उसने इस मामले का विरोध किया तो पति ने उसके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि उसे चेहरे पर तेजाब डालकर चेहरा बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। इसके अलावा पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर न्यायालय में चल रहे भरण पोषण के मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार, मुकदमा वापस नहीं लेने पर विवाहिता और उसके मायके वालों को बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने अपनी शिकायत के साथ पति के कथित रूप से दूसरी महिला के साथ संबंधों से जुड़े कुछ फोटो संलग्न किए जाने का भी उल्लेख किया है। हालांकि, इन फोटो और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग
विवाहिता ने छब्बीस मार्च दो हजार छब्बीस को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसमें उसने पति अंकित कुमार, ससुर कृष्णपाल, सास शर्मिला और देवर गौरव, रीनू व वंश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट कर घर से निकालने, जान से मारने और तेजाब डालने की धमकी देने समेत लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कराने की गुहार लगाई है। साथ ही न्यायालय के भरण पोषण संबंधी आदेश का पालन नहीं किए जाने के मामले में भी उचित कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पति और ससुराल पक्ष की ओर से भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किए जाने की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

