मुजफ्फरनगर में प्रदूषण विभाग पर गरजे क्रांतिसेना कार्यकर्ता, पेपर मिलों और अवैध तेल कारखानों पर कार्रवाई की मांग; आंदोलन की चेतावनी

मुजफ्फरनगर में प्रदूषण विभाग पर गरजे क्रांतिसेना कार्यकर्ता, पेपर मिलों और अवैध तेल कारखानों पर कार्रवाई की मांग; आंदोलन की चेतावनी

मुजफ्फरनगर। जनपद में बढ़ते वायु एवं जल प्रदूषण के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को क्रांतिसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंडल अध्यक्ष शरद कपूर और क्रांतिसेना नेता उज्ज्वल पंडित के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नई मंडी स्थित प्रदूषण नियंत्रण विभाग के कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर मिलों, टायर जलाकर काला तेल निकालने वाले कथित अवैध कारखानों और कुछ औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण फैलाने के आरोप लगाते हुए विभाग से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना था कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और कथित तौर पर कचरा जलाने की गतिविधियां आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदूषण की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की आवश्यकता है।

पेपर मिलों पर कचरा और गंदगी जलाने का आरोप

क्रांतिसेना कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ पेपर मिलों में बाहरी राज्यों से लाए जाने वाले कूड़े-कचरे और मृत पशुओं से संबंधित गंदगी को जलाकर वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियों से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है और वातावरण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

कार्यकर्ताओं के मुताबिक, कुछ औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की छतों पर सूखने के लिए डाले गए कपड़ों पर काली परत जम जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में प्रदूषण के कारण लोग विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हैं। संगठन ने इन शिकायतों की जांच कराकर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित औद्योगिक इकाइयों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भोपा रोड और जानसठ रोड की फैक्ट्रियां भी निशाने पर

प्रदर्शनकारियों ने भोपा रोड और जानसठ रोड क्षेत्र में संचालित कुछ फैक्ट्रियों पर भी कूड़ा-कचरा और गंदगी जलाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इन गतिविधियों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों की पहचान की जा सके।

इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने बेगराजपुर स्थित मैगमा रवि ऑर्गेनिक्स और चक्रधर स्टील कंपनियों के संबंध में भूजल एवं पेयजल प्रदूषण की आशंका जताई। उन्होंने मांग की कि संबंधित क्षेत्र में जल की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और यदि जांच में प्रदूषण की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

क्रांतिसेना नेताओं ने कहा कि स्वच्छ हवा और सुरक्षित पेयजल आम लोगों की बुनियादी जरूरतें हैं। ऐसे में औद्योगिक गतिविधियों के कारण यदि आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की शिकायतें सामने आ रही हैं तो संबंधित विभाग को इनकी गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

टायर जलाकर काला तेल निकालने वाले कारखानों पर कार्रवाई की मांग

क्रांतिसेना कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर काला तेल निकालने वाले कथित अवैध कारखानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इस तरह की गतिविधियों से वातावरण प्रदूषित होने की आशंका रहती है। उन्होंने संबंधित स्थानों की पहचान कर जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, निगरानी और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई भी जरूरी है।

विभागीय कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान क्रांतिसेना नेताओं ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि कुछ फैक्ट्रियों के खिलाफ सीलिंग जैसी कार्रवाई किए जाने के बावजूद वे कथित तौर पर कुछ समय बाद दोबारा संचालन शुरू कर देती हैं। संगठन ने ऐसी इकाइयों की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग की।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि किसी औद्योगिक इकाई के खिलाफ प्रदूषण फैलाने या नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित इकाई के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने विभाग से यह भी अपेक्षा जताई कि शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।

रीजनल ऑफिसर को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान क्रांतिसेना कार्यकर्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय में मौजूद रीजनल ऑफिसर हितेश चंद्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने जनपद में वायु एवं जल प्रदूषण से संबंधित शिकायतों की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में भोपा रोड और जानसठ रोड क्षेत्र में कूड़ा-कचरा एवं गंदगी जलाने के आरोपों की जांच कराने, बेगराजपुर क्षेत्र में जल प्रदूषण की आशंकाओं की पड़ताल करने तथा टायर जलाकर तेल निकालने वाले कथित अवैध कारखानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग शामिल रही।

इसके साथ ही संगठन ने औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण कराने और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में पानी के नमूनों की जांच और प्रदूषण संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष पड़ताल से वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

क्रांतिसेना कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन प्रदूषण नियंत्रण विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

संगठन ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण की समस्या को लेकर वह आगे भी आवाज उठाता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने विभाग से मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि आसपास के गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रदूषण संबंधी समस्याओं से राहत मिल सके।

प्रदर्शन के दौरान सोनू साहिवाल, राजेंद्र तायल, प्रदीप जैन, अमित मित्तल, अरविंद शर्मा, अरविंद कौशिक, निकुंज चौहान, प्रभात रावत, राकेश धीमान, तुषार कुमार, राजन वर्मा, हम कुमार कश्यप, विशाल कुमार, सोनू कश्यप, रोहित शर्मा, सुनील विशाल, निक सनी वर्मा, शशि कुमार, बबलू ठाकुर, विश्व वर्मा, मोनू, अमित कुमार, सुनील और विशु सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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