लखनऊ में एक रिटार्यड टीचर पर पालतु कुत्ते पिटबुल द्वारा हमले में बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। बता दें कि इस कुत्ते ने महिला को ऐसी दर्दनाक मौत दी कि महिला के शरीर ऐसे नोंचा था कि हड्डी से मांस तक को अलग कर दिया था। वहीं इस भयानक हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। जिसके बाद नगर निगम की टीम पिटबुल डॉग को अपनी हिरासत में ले लिया।

वहीं दूसरी तरफ महिला के बेटे अमित त्रिपाठी बेहद दुखी है उनके चेहरे पर मायूसी और नम आंखें हैं, लेकिन इसके बावजूद वह अपने कुत्ते को र नगर निगम वालों के देने ले पहले काफी भावुक हुए। दरअसल, गुरुवार को जब नगर निगम की टीम पिटबुल डॉग को लेने पहुंची तो अमित ने उसे देने से इनकार कर दिया। काफी समझाने के बाद वह तैयार हुए और खुद ब्राउनी को गोद में लेकर नगर निगम की गाड़ी तक पहुंचाया। बता दें कि निगम की टीम उसे जरहरा स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर लेकर गई जहां ब्राउनी को स्पेशल सेल में रखकर उसके बर्ताव पर नजर रखी जाएगी।

पेशे से जिम ट्रेनर अमित ने बताया कि तीन साल पहले वह पिटबुल को अपने घर लेकर आए थे तब वह मात्र तीन माह का था। भूरे रंग का होने के कारण उसका नाम ब्राउनी रखा। अमित के मुताबिक, ब्राउनी उनकी मां सुशीला के साथ खेलता था। वही उसे खाना देती थीं, लेकिन ब्राउनी ने मां पर हमला क्यों किया यह वह अब भी नहीं समझ पा रहे हैं।