उदयपुर। वेदांता समुह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर योजना के तहत करीब 3400 से अधिक को कौशल विकास से जोडने और उनमें से 2700 से अधिक रोजगार एवं उद्यमी के रूप में आत्मनिर्भर हुए है।
कंपनी के सूत्रों के अनुसार सीएसआर के तहत् हिन्दुस्तान जिंक द्वारा विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडने के लिए जिंक कौशल केंद्र द्वारा उनके भविष्य को सुदृढ़ करने हेतु प्रयास किये जा रहे है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के कंपनी के प्रयासों से करीब 3400 से अधिक को कौशल विकास से जोडने और उनमें से 2700 से अधिक रोजगार एवं उद्यमी के रूप में कार्यरत होने से सफलता की है।
कंपनी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रो में बेराजगारी की कमी को दूर करने के लिये हिंदुस्तान जिंक ने अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन, टाटा स्ट्राइव और वेदांता फाउंडेशन के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में हिन्दुस्तान जिं़क के कौशल विकास कार्यक्रमों संचालित किया है। जिंक कौशल केंद्रों में यह महत्वपूर्ण है कि युवा स्वयं किस पाठ्यक्रम या क्षेत्र मंे रूचिकर है। वर्ष 2019-20 में स्थापित दरीबा और आगुचा के बाद अब ये कौशल केंद्र जावर, देबारी, कायड़, चंदेरिया और पंतनगर में भी संचालित है।
हिंदुस्तान जिंक, भारत में शीर्ष 15 सीएसआर मद में श्रेष्ठ कार्य करने वालों उद्योगों में से एक है अब तक राजस्थान के 184, उत्तराखंड के पांच और गुजरात के 16 गांवों में सात लाख से अधिक युवा लाभान्वित हुए है।
