
इधर, कार के भीतर सवार लोग घुप्प अंधेरे में राजकुमार के सकुशल सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने और खुद के बचने की दुआ मांग रहे थे। इस बीच मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने रस्सी की मदद से दोनों को सकुशल बचा लिया, लेकिन राजकुमार का पता नहीं चला। सुबह उसका शव घटना स्थल के थोड़ी दूरी पर बरामद हुआ।

घुप्प अंधेरे के बीच सर्च लाइट की रोशनी जब कार पर पड़ी तो कार में सवार मुकेश और अनिल को लगा कि उनकी दुआ कबूल हो गई अब उन्हें बचा लिया जाएगा। इधर, सर्च लाइट की रोशनी में कार में फंसी जिंदगियों को बचाने का अभियान जब शुरू किया गया तो किसी को नहीं पता था कि कार में कितने लोग सवार हैं। थाना पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस के जवानों ने मौके पर पहुंचते ही मोर्चा संभाल लिया। रपटे में पानी आने के कारण कई वाहन जाम में फंसे थे।
इन वाहनों में सवार लोग भी सैलाब के बीच फंसी कार पर नजर रखे हुए थे। इन्हीं में से किसी ने कार के फंसे होने की सूचना पुलिस को दी थी। रस्सियों के सहारे किसी तरह जवान कार तक पहुंचे तो देखा कि दो लोग सैलाब के बीच जिंदगी के लिए मौत से जूझ रहे थे।