ढाका। बांग्लादेश में सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़के कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के घरों और दुकानों में आग लगा दी। मंदिर में भी तोडफ़ोड़ की गई। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर हालात संभाले।

नरैल जिले के लहागरा गांव में लोगों ने नमाज के बाद प्रदर्शन किया। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक गुस्साई भीड़ साहापारा मंदिर में घुस गई और फर्नीचर तोड़ दिए। आसपास की दुकानों और घरों में तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी। लोगों का आरोप है कि एक लड़के की सोशल मीडिया पोस्ट ने मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया। नरैल के एसपी प्रबीर कुमार रॉय ने बताया है कि अब हालात काबू में हैं। घटना की जांच की जा रही है। जो भी हिंसा के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने पोस्ट करने वाले युवक आकाश साहा का पता लगाने का प्रयास किया। वह नहीं मिला तो उसके पिता को उठा ले गई। हमला करने वालों में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इससे पहले हिंदू कॉलेज के एक प्रिंसिपल को जूते की माला पहनने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा से जुड़ी पोस्ट लगाई थी। उल्लेखनीय है कि नूपुर शर्मा के बयान के बाद दुनिया के कई देशों में इस तरह के मामले में तेजी से बढ़े हैं। यह भी कहा जाता है कि कुछ कट्टरपंथी सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर लोगों को भड़का रहे हैं।

बांग्लादेश में बहुसंख्यक मुस्लिमों द्वारा अल्पसंख्यकों पर हमलों के मामले में बढ़ोतरी हुई है। इनमें से कई हमले सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के कारण हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी 2013 से सितंबर 2021 तक हिंदुओं पर 3679 हमले हुए।