बर्मिंघम से इतिहास रचकर लौटी दिव्या, पिता के गले लगकर किया जताई खुशी

मुजफ्फरनगर(काशिफ जमाल)। बर्मिंघम से दिल्ली एअरपोर्ट पहुंचने पर ब्रांज मेडल जीतने वाली दिव्या का स्वागत किया गया।
मुजफ्फरनगर के गांव पुरबालियान की महिला पहलवान दिव्या काकरान का देर रात इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर स्वागत किया गया। दिव्या ने पदक को देश के नाम समर्पित करते हुए कहा कि उसे उम्मीद है कि वह राष्ट्र के लिए उपलब्धियां हासिल करती रहेगी। पिता सूरज सेन पहलवान ने कहा कि यह देशवासियों का प्यार और सहयोग है जो दिव्या यह उपलब्धि हासिल कर पाई। उन्होंने कहा कि दिव्या की सफलता से देश की बेटियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।
इंग्लैंड में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में दिव्या काकरान ने 68 किलो ग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था। दिव्या के कांस्य पदक जीतने के बाद गांव पुरबालियान सहित जनपद व देश में हर्ष का माहौल है। गांव की तंग गलियों से निकलकर दिव्या ने अंतर्रष्ट्रीय पटल पर अपनी प्रतिभा साबित की है। लड़की होने के बावजूद कुश्ती जैसे खेल में प्रतिभाग करने पर दिव्या को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ऐसे हालात बने कि उसे गांव छोड़कर दिल्ली में बसने को मजबूर होना पड़ा। बावजूद दिव्या ने पहलवानी नहीं छोड़ी। तंग आर्थिक हालात में सूरज सेन पहलवान ने भी बेटी दिव्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराई। दिव्या ने भी कमरतोड़ मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। परिवार का सहयोग मिला और देशवासियों की दुआओं से दिव्या ने कुश्ती में अपनी प्रतिभा साबित की। बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स की कुश्ती प्रततियोगिता में ब्रांज मेडल जीतने के बाद दिव्या सोमवार रात 11 बजे बर्मिंघम से दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। वहां पर ढोल नगाड़ों के साथ दिव्या का स्वागत किया गया। इस मौके पर दिव्या के माता-पिता सहित भाई वह मंगेतर भी मौजूद रहे।

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