फेसबुक से शुरू हुई थी प्रेम कहानी, झूठी शान के लिए पिता ने बेटी को दी ऐसी सज़ा…

फिरोजाबाद के मोहल्ला तिलकनगर में झूठी शान के लिए पिता मनोज ने बेटी रुचि को दर्दनाक मौत दी। बेटी का रात में आरी से गला काट दिया। मनोज ने पुलिस के सामने बेटी की हत्या करने की वारदात को स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार ये हत्या युवती के प्रेम संबंध की वजह से की गई। युवती के प्रेम संबंध एटा जिले के रहने वाले सुधीर नाम के युवक से थे। ये प्रेम कहानी फेसबुक से हुई दोस्ती के बाद शुरू हुई थी। दोनों के बीच फोन नंबर का आदान प्रदान हुआ। सुधीर फिरोजाबाद मिलने आने लगा। इसके बाद दोनों ने शादी करने की ठान ली थी। रुचि के प्रेम संबंधों की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने उसे मिलने के लिए घर बुलाया था, तभी उन्हें जानकारी हुई कि युवक सजातीय नहीं है। इसके बाद युवती के घरवालों ने शादी से ही इंकार नहीं किया, बल्कि उनके मिलने पर भी पाबंदी लगा दी थी, लेकिन रुचि ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ सुधीर से मिलना जारी रखा।
आरोपी को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस

 

11 जुलाई को रुचि ने सुधीर को घर बुलाया था। कुछ समय रहने के बाद वह दोस्त के घर जाने की बात कहकर चला गया था। देर शाम फिर से घर आया और रात को घर पर रुका।
मृतका का फाइल फोटो

 

देर रात रुचि और सुधीर को मनोज ने एक कमरे में देखने पर विरोध किया। इस पर रुचि ने पिता से अभद्रता कर दी। इसके बाद मनोज ने गुस्से में रुचि और सुधीर के थप्पड़ मारा था। तब रुचि ने पिता को अपशब्द कहकर जान से मरवाने की धमकी दे दी थी। इस बात को लेकर मनोज ने रुचि की हत्या करने की योजना तैयार की।
आरोपी पिता

 

रुचि की मां नगीना ने बताया कि बृहस्पतिवार रात वह तीनों बच्चों के साथ कमरे में सोई थी। उसने रुचि को भी साथ में सोने के लिए कहा था। लेकिन उसने मना कर दिया। वह दूसरे कमरे में सो गई। वहीं मनोज कमरे के बाहर सो रहा था। सुबह छह बजे जागी तो रुचि दिखाई नहीं दी तो पति मनोज से रुचि के बारे में पूछा गया तब मनोज ने बताया कि उसने रुचि की हत्या कर दी है और शव कमरे में पड़ा है। इसके बाद मनोज बिना बताए घर से निकल गया। कुछ देर बाद घर आया तब तक पुलिस आ चुकी थी।

 

पति के खिलाफ थाना उत्तर पुलिस को तहरीर देने पहुंची रुचि की मां नगीना देवी का कहना था कि रुचि जिद्दी थी। वह हर किसी से झगड़ा करती थी। बृहस्पतिवार रात सिर में दर्द होने पर उसने रुचि से दवा देने के लिए कहा था। लेकिन रुचि ने दवा देने से मना कर दिया। बात-बात पर परिवार की नाक कटवाने की धमकी देती रहती थी।

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